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अमूल व मदर डेयरी को टक्‍कर देगी पतंजलि, लॉन्‍च किया 4 रुपए लीटर सस्‍ता टोंड मिल्‍क
रिलीज़ की तारीख:2022-09-29 04:53:01
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अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कMaharashtra News: बैंक लूटने की रच रहे थे साजिश, गिरोह के 7 सदस्यों को पुलिस ने दबोचा, हथियार समेत अन्य सामान जब्त******Highlightsमहाराष्ट्र के पालघर में एक गिरोह के कुछ सदस्य बैंक लूटने की फिराक में थे। इसकी इसकी जानकारी पुलिस को मिल गई। पुलिस ने बिना देरी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह की बैंक डकैती की साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।मीरा भायंदर-वसई विरार के पुलिस प्रवक्ता बलराम पालकर ने आज बुधवार को बताया कि पुलिस ने हरियाणा के मेवाती गिरोह के सदस्यों की ओर से डकैती करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चाकू, एक गैस कटर, मिर्च पाउडर और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं।उन्होंने बताया कि गुप्त जानकारी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस के एक दल ने पालघर जिले के नालासोपारा क्षेत्र के प्रगति नगर में रविवार रात गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि गिरोह के सदस्य मीरा-भायंदर, वसई-विरार, ठाणे और नवी मुंबई क्षेत्रों में इसी तरह के अपराधों में शामिल थे और उनके खिलाफ विरार, कोलसेवाड़ी और खारघर पुलिस थानों में पहले भी मामले दर्ज किए गए थे।उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय जाहिद हसन खान उर्फ ​​जस्सी, 23 वर्षीय वारिस जलालू खान, 25 वर्षीय आसिफ माजिद खान, 33 वर्षीय हाखम हनीफ खान, 24 वर्षीय रघुनंदन शिवविलाश द्विवेदी उर्फ ​​पंडित, 35 वर्षीय निजाम रामजानी सैय्यद और 20 वर्षीय राजू उर्फ ​​समरजीत दयाराम यादव के तौर पर की गई है। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ तुलिंज पुलिस थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।वहींस राजस्थान के अलवर शहर में सोमवार को छह हथियारबंद बदमाशों ने एक निजी बैंक से नकदी और सोना लूट लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी थी। भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी एक्सिस बैंक की शाखा में घुसे और कर्मचारियों को बंधक बना लिया।उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने बैंक के स्ट्रांग रूम से करीब 70 लाख रुपये की नकदी और 40-50 लाख रुपये का सोना लूट लिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान करने और उनका पता लगाने के लिए टीमों का गठन किया गया है।

अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कगोवा की प्रमोद सावंत सरकार में चार नए मंत्रियों को किया गया शामिल****** गोवा में कांग्रेस के 10 विधायकों के भाजपा में शामिल होने के कुछ दिन बाद ने शनिवार को अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल किया। मंत्रिमंडल में बदलाव के लिए सहयोगी दल गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के तीन सदस्यों और एक निर्दलीय सदस्य को मंत्री पद से हटाया गया।गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने दोपहर में राज भवन में आयोजित एक समारोह में नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।शपथ ग्रहण से पहले मुख्यमंत्री ने एक अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार चार मंत्रियों- उप मुख्यमंत्री विजय सरदेसाई, जल संसाधन मंत्री विनोद पालेकर, ग्रामीण विकास मंत्री जयेश सालगांवकर (सभी जीएफपी विधायक) और राजस्व मंत्री रोहन खुंटे (निर्दलीय) को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया।कांग्रेस के 10 विधायक बुधवार को भाजपा में शामिल हुए थे। इसके साथ ही 40 सदस्यीय सदन में भाजपा के विधायकों की संख्या बढ़कर 27 हो गयी है।उनके समर्थन के बाद सावंत ने जीएफपी के मंत्रियों को हटाने का फैसला किया। क्षेत्रीय पार्टी जीएफपी ने साल 2017 में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाई थी।तीन महीने पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद से यह सावंत मंत्रिमंडल में दूसरा फेरबदल है।अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कभारतीय सेना ने चीन की सीमा के करीब सिलीगुड़ी गलियारे के पास किया सैन्य अभ्यास******Highlightsभारतीय सेना ने चीन की सीमा के निकट सिलीगुड़ी गलियारे के पास दो दिवसीय सैन्य अभ्यास किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में पिछले तीन सप्ताह में यह दूसरा ऐसा अभ्यास है। सेना ने 24 से 25 मार्च के बीच यह अभ्यास किया जिसमें लगभग 600 सैनिकों ने भाग लिया।इसमें सैनिकों ने हवा में ऊंचाई से छलांग लगाई तथा निगरानी और लक्ष्य भेदने का अभ्यास किया। सिलीगुड़ी गलियारा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमा से लगती जमीन है। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र को शेष भारत से जोड़ता है और सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।अभ्यास में उन्नत फ्री-फॉल तकनीक, प्रविष्टि, निगरानी और टारगेट प्रैक्टिस और दुश्मन की लाइन सेपार जाकर प्रमुख उद्देश्यों को हासिल करना शामिल था। सिलीगुड़ी रणनीतिक रूप से अहम है इसलिए यहां पर भारतीय सेना, असम राइफ्लस, सीमा सुरक्षा बल और पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गश्त लगाई जाती है।

अमूल व मदर डेयरी को टक्‍कर देगी पतंजलि, लॉन्‍च किया 4 रुपए लीटर सस्‍ता टोंड मिल्‍क

अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कCISCE बोर्ड ने कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं स्थगित की, जानें कब मिलेगी अगली तारीख******भारतीय स्कूल प्रमाण पत्र परीक्षा परिषद (CISCE) की ओर से मंगलवार को कहा गया कि नियंत्रण से बाहर वाले कारणों के चलते कक्षा 10 और 12 के पहले टर्म की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संशोधित परीक्षा की तारीखों के बारे में भविष्य में सूचना दी जाएगी।बोर्ड के मुख्य कार्यकारी और सचिव गेरी आराथून ने एक आदेश में कहा, ‘ ने 2021-22 के लिए कक्षा 10 और 12 के पहले टर्म की परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह कुछ ऐसे कारणों से किया गया जी हमारे नियंत्रण में नहीं थे। सभी हितधारकों को भविष्य में संशोधित परीक्षा तिथि की सूचना दी जाएगी।’कक्षा 10 और 12 की परीक्षा 15 नवंबर से होने वाली थी।अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कSmriti Mandhana: स्मृति मंधाना की दमदार पारी से हारा पाकिस्तान, एक स्पेशल रिकॉर्ड की दहलीज पर भी पहुंचीं भारतीय सलामी बल्लेबाज******Highlights स्मृति मंधाना की शानदार बल्लबाजी के दम पर भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के अपने दूसरे मुकाबले में आर्च राइवल्स पाकिस्तान को करारी शिकस्त दे दी। ओपनिंग करने मैदान में उतरीं मंधाना भारतीय महिला टीम को जीत दिलाने के बाद ही वापस लौटीं। उन्होंने शानदार पारी खेलते हुए पाकिस्तान को 38 गेंद शेष रहते आठ विकेट से हरा दिया।स्मृति मंधाना ने पाकिस्तान के खिलाफ एजबेस्टन में हुए मुकाबले में शुरू से आखिर तक आतिशी अंदाज में बल्लेबाजी की। हालांकि उनके सामने 102 रनों का छोटा लक्ष्य था, पर मंधाना की नजरें भारत की नेट रन रेट को बेहतर बनाने पर थी लिहाजा उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी। भारतीय महिला टीम की सलामी बल्लेबाज ने 42 गेंदों पर 150 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 63 रन बनाए, जिसमें आठ चौकों के साथ तीन छक्के भी शामिल थे। उन्होंने वन मैन आर्मी की तरह पाकिस्तान पर धावा बोला और देखते ही देखते बर्मिंघम के मैदान पर विजय पताका फहरा दिया। स्मृति ने इस शानदार जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस जीत के बाद उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों में एक मेडल जीतने का पूरा भरोसा है। इस शानदार पारी के साथ स्मृति मंधाना ने एक खास कीर्तिमान की दहलीज पर भी पहुंच गईं। उन्होंने बतौर सलामी बल्लेबाज भारत के लिए 1999 रन बना लिए। वह एक रन बनाते ही ओपनर के रूप में 2000 रन बनाने वाली भारतीय टीम की पहली महिला सलामी बल्लेबाज बन जाएंगी। इसके अलावा, वह एक और रन बनाते ही रोहित शर्मा के बाद 2000 रन बनाने वाली ओवरऑल दूसरी भारतीय ओपनर बन जाएंगी। भारत को बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में तीन अगस्त को बारबाडोस के खिलाफ अगला मैच खेलना है जिसमें स्मृति एक नया कीर्तिमान रच सकती हैं।मंधाना की इस पारी के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने बधाई दी। टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, “भारतीय लड़कियों का शानदार प्रदर्शन। पहले भारतीय गेंदबाजों की उम्दा गेंदबाजी और इसके बाद स्मृति मंधाना ने अपना क्लास दिखाया। शानदा जीत।”भारतीय टीम के पूर्व टेस्ट ओपनर वसीम जाफर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जीत से इससे ज्यादा प्रभावी नहीं हो सकती। आज महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने पूरा पैसा वसूला और स्मृति मंधाना जबरदस्त रहीं।”अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कइस वित्त वर्ष में अब तक 24,792 करोड़ रुपये के कर रिफंड जारी किये गये: आयकर विभाग******इस वित्त वर्ष में अब तक 24,792 करोड़ रुपये के कर रिफंड जारी किये गये: आयकर विभागनयी दिल्ली: आयकर विभाग ने बुधवार को कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष में 17 मई तक 15 लाख से अधिक करदाताओं को 24,792 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया है। विभाग ने ट्वीट जारी कर कहा है कि इस राशि में व्यक्तिगत आयकर रिफंड की राशि 7,458 करोड़ रुपये है। जबकि कंपनी कर के तहत 17,334 करोड़ रुपये रिफंड किये गये हैं। विभाग ने कहा, ‘‘सीबीडीटी ने एक अप्रैल 2021 से 17 मई 2021 की अवधि में 15 लाख से अधिक करदाताओं को 24,792 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किये हैं।’’विभाग ने कहा, ‘‘14.98 लाख मामलों में 7,458 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत आयकर रिफंड जारी किया गया है जबकि 43,661 मामलों में 17,334 करोड़ रुपये का कंपनी कर रिफंड जारी किये गये हैं।’’आयकर विभाग ने हालांकि रिफंड के लिए वित्तीय वर्ष स्पष्ट नहीं किया। लेकिन माना जा रहा है कि यह रिफंड वित्त वर्ष 2019-20 के लिए दाखिल किए गए टैक्स रिटर्न के लिए है। विभाग के अनुसार 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान उसने 2.38 करोड़ करदाताओं को 2.62 लाख करोड़ के रिफंड जारी किये हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में जारी रिफंड वित्त वर्ष 2019-20 में जारी 1.83 लाख करोड़ रुपये के रिफंड के मुकाबले 43.2 प्रतिशत अधिक है।

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अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कOil Shock : Petrol Diesel होगा महंगा? कीमतें न बढ़ने से IOCL के बाद अब HPCL का निकला तेल, हुआ तगड़ा घाटा******Oil Shock : कच्चे तेल में उठा पटक के बावजूद अप्रैल से लेकर अब तक देश में तेल के दाम स्थिर हैं। पेट्रोल डीजल की ये स्थिर कीमतें आपको भले ही राहत दे रही हों, लेकिन इसने पेट्रोलियम कंपनियों का तेल जरूर निकाल रखा है। दाम न बढ़ने की वजह से देश की सरकारी तेल कंपनियां को भयंकर घाटा हो रहा है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को अब तक का सबसे बड़ा घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2022-2023 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी का घाटा बढ़कर 10,196.94 करोड़ हो गया है। कंपनी के इतिहास में किसी एक तिमाही में हुआ ये सबसे बड़ा घाटा है। जबकि पिछले साल की पहली तिमाही में कंपनी को 1,795 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।हिंदुस्तान पेट्रोलियम से पहले कुछ इसी प्रकार के नतीजे इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड ने भी पेश किए थे। कंपनी को अप्रैल-जून में 1,992.53 करोड़ रुपए का नेट लॉस हुआ है। एक साल पहले इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 5,941.37 करोड़ रुपए और जनवरी-मार्च तिमाही में 6,021.9 करोड़ रुपए था।इन कंपनियों को हर लीटर तेल बेचने पर भारी नुकसान हो रहा है। इंडियन ऑयल ने बताया था कि कंपनी को अप्रैल-जून तिमाही के दौरान पेट्रोल पर 10 रुपए और डीजल पर 14 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। अप्रैल-जून क्वार्टर में भारत में कच्चे तेल का इंपोर्ट औसतन 109 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था, लेकिन रिटेल पंप की पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग 85-86 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से थीं। इससे कंपनियों को नुकसान हुआ।इस साल फरवरी से शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कच्चे तेल ने रिकॉर्ड तेजी दर्ज की है। मार्च अप्रैल के दौरान तो कच्चे तेल के दाम 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। हालांकि अब कच्चा तेल लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। ऐसे में जहां भारतीय कंपनियों को महंगा कच्चा तेल इंपोर्ट करना पड़ा, वहीं पहले यूपी इलेक्शन और फिर अब तेल कंपनियां कीमतें नहीं बढ़ा पा रही हैं, जिसका खामियाजा उनकी बैलेंस शीट से दिख रहा है।पेट्रोल-डीजल कीमतों में आखिरी बार 6 अप्रैल को बढ़ोतरी की गई थी। यानी की 4 महीनों से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं। वहीं मई में सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल पर 8 और डीजल पर 6 रुपए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। इससे पेट्रोल के दाम 9.5 रुपए और डीजल 7 रुपए सस्ता हो गया था।तेल कंपनियों को हो रहा घाटा वाकई में डराने वाला है। लेकिन पेट्रोल डीजल की कीमतें कब बढ़ेंगी यह कहना मुश्किल है। केंद्र सरकार आम लोगो ंको महंगाई से राहत देने के लिए फिलहाल तेल की कीमतें बढ़ने नहीं दे रही है। लेकिन तेल कंपनियों को हो रहा घाटा ज्यादा दिन सहा भी नहीं जा सकता है। ऐसे में अब सभी निगाहें यूक्रेन संकट थमने पर है, यदि कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं तो यह तेल कंपनियों के लिए भी राहत की बात होगी।अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कIIT JAM 2021 Final Answer Keys released: फाइनल आंसर-की हुई जारी, ऐसे करें चेक******भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान संयुक्त प्रवेश परीक्षा, IIT JAM 2021 फाइनल आंसर-की आज भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु द्वारा जारी की गई है। उम्मीदवार जो IIT JAM 2021 परीक्षा में उपस्थित हुए थे, आधिकारिक साइट से फाइनल आंसर-की डाउनलोड कर सकते हैं।IISc बेंगलुरु ने प्रश्न पत्रों के साथ IIT JAM 2021 फाइनल आंसर-कीजारी की है। छात्रों की आपत्तियों पर विचार करने के बाद IIT JAM 2021 की फाइनल आंसर-की जारी की गई है। IIT JAM 2021 अंतिम उत्तर कुंजी डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।फाइनल आंसर-कीउम्मीदवार IIT JAM 2021 फाइनल आंसर-की के साथ अपने उत्तरों की तुलना करके IIT JAM 2021 अंकों की गणना करने में सक्षम होंगे। IIT JAM 2021 का परिणाम रैंक-कम-मेरिट सूची के रूप में 20 मार्च, 2021 को जारी किया जाना है।IIT JAM 2021 स्कोरकार्ड 27 मार्च, 2021 से आधिकारिक साइट पर उपलब्ध होगा। IIT JAM 2021 में अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार एमएससी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए उपस्थित होने के लिए पात्र होंगे।

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अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कBudget History: इस वित्‍त मंत्री के नाम है देश में सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड******आम बजट में सरकार साल भर के खर्च और आमदनी का लेखाजोखा संसद के जरिए आम जनता के सामने रखती है। देश के वित्त मंत्री आम बजट को लोकसभा में पेश करते हैं। 1 फरवरी 2021 को वित्‍त मंत्री निर्मला सीता रमण आम बजट पेश करने वाली हैं। आजादी के बाद से आम बजट पेश किया जाता रहा है लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि किस मंत्री के नाम अबतक सबसे अधिक बार आम बजट पेश करने का रिकॉर्ड है? ये वित्‍त मंत्री थे ।एक वित्‍त मंत्री के तौर पर मोरारजी देसाई ने 10 बार आम बजट पेश किया था। इनमें से 8 पूर्ण बजट थे और 2 इंटरिम। वित्‍त मंत्री के तौर पर मोरारजी देसाई ने पहले टर्म में पांच पूर्ण बजट 1959-60 से 1993-64 और एक इंटरिम बजट 1962-63 पेश किया था। दूसरी बार वित्‍त मंत्री बनने के बाद मोरारजी देसाई ने 1967-68 से 1969-70 के पूर्ण बजट के अलावा 1967-68 का एक इंटरिम बजट पेश किया था।मोरारजी देसाई के बाद प्रणब मुखर्जी, पी चिदंबरम, यशवंत सिन्हा, वाईबी चौहान और सीडी देशमुख का स्‍थान आता है। इन सभी ने सात-सात बार बजट पेश किया। मनमोहन सिंह और टीटी कृष्णमचारी ने 6-6 बार बजट पेश किया। पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 5 बार बजट पेश किया है। आर वेंकटरमन और एचएम पटेल ने 3-3 बजट पेश किए। सबसे कम बार बजट पेश करने वाले वित्‍त मंत्रियों में जसवंत सिंह, वीपी सिंह, सी सुब्रमण्यम, जॉन मथाई और आर के शनमुखम ने दो-दो बार बजट पेश किया।

अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कBihar Elections: 'तब तो घर में बंद थे, अब वोट मांगने निकले'******बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता तक पहुंचने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को महागठबंधन के दो दिग्गज कांग्रेस के राहुल गांधी और राजद के तेजस्वी यादव एक मंच पर पहुंचे और विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। नवादा के हिसुआ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कोरोना काल के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री आवास से बाहर नहीं निकलने को लेकर आड़े हाथों लिया और करारा सियासी हमला बोला।पढ़ें-उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोगों को उनकी जरूरत थी तब वे 'घर में कैद थे' और आज बाहर निकलकर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से लौट रहे थे तब भी कोरोना काल था और आज भी कोरोना काल है। उस समय मुख्यमंत्री घर से नहीं निकले, लेकिन आज जब वोट मांगना हुआ तो रैली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार 144 दिनों तक मुख्यमंत्री आवास में बंद थे। लेकिन अब वो घर से बाहर आ गए हैं, क्यों? तब भी कोरोना था, अब भी कोरोना है। लेकिन अब उनको आपका वोट चाहिए, तो उनको बाहर आना पड़ा है।पढ़ें-उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को अब भी रोजगार नहीं मिला है। आम लोग अभी भी बेरोजगार हैं। तेजस्वी ने भोजपुरी भाषा में लोगों में जोश भरते हुए कहा कि अगर वे सत्ता में आए तो पहली कैबिनेट की बैठक में 10 लाख लोगों को रोजगार देने के प्रस्ताव को मंजूर करेंगे। उन्होंने कहा कि आज बजट की आधी राशि खर्च नहीं की जाती है, वह सब वापस लौट जाता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों का विकास कर भी रोजगार दिया जाएगा।पढ़ें-इस रैली को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी संबोधित किया और केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कृषि कानूनों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ये कानून किसानों पर आक्रमण करने के लिए लाए गए हैं। बिहार चुनाव में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी तीन रैली को संबोधित कर रहे हैं। (IANS)पढ़ें-अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कInternational Youth Day: देश के 26 करोड़ युवा तम्बाकू के गिरफ्त में, हुक्के का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है******Highlightsआज दुनियाभर में युवा अंतरराष्ट्रीय डे मनाया जा रहा है। यानी आज का दिन युवाओं का है। भारत भी युवाओं का देश है। आज हम युवाओं से जुड़ी एक बड़ी परेशानी के बारे में बताने जा रहा हुं, जिसे जानकार आपको हैरानी हो जाएगी। भारत समेत दुनिया में युवाओं की एक बड़ी आबादी हुक्का का शिकार हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, द ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे इंडिया, 2016-17 से पता चलता है कि भारत में लगभग 15 साल से ऊपर 26 करोड़ युवा तंबाकू उत्पादों का उपयोग करते हैं। इनमें खैनी, गुटखा, तंबाकू के साथ सुपारी, बीड़ी, सिगरेट और हुक्का शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में 19 करोड़ और ग्रामीण एरिया में 6 करोड़ से अधिक युवा नशे के शिकार है।इंडियन जर्नल ऑफ कैंसर के 2016 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हुक्का का प्रचलन 5-14% बताया गया है। हुक्का एक तंबाकू का सेवन करने एक टुल होता है। इनमें कई तरह के फेलेवर मिलते हैं जैसे कि सेब, पुदीना, चेरी, चॉकलेट, नारियल, कैपुचीनो और तरबूज, पान, मींट होता है। हुक्का के सेवन करने वाले लोग बताते हैं कि ये कम हानिकारक मानते हैं जबकि हुक्का सिगरेट पीने जितना ही जोखिम भरा होता है। ऐसे में आज युवा दिवस पर हम आपको युवाओं में हुक्का पीने के खतरनाक परिणामों के बारे में बता रहे हैं। प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन वैश्विक मुद्दों से निपटने और सतत विकास को चलाने और सकारात्मक बदलाव लाने में युवा महिलाओं और पुरुषों की भूमिका को समर्पित है। यह दिन दुनिया के युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के अवसर के रूप में भी कार्य करता है।अमेरिकन लंग एसोसिएशन के अनुसार, हुक्का आपके दिमाग को प्रभावित कर सकता है। यह परिणाम निकोटीन के कारण होता है। अगर आप कम उम्र में हुक्का या किसी भी तरह के तंबाकू का सेवन कर रहे हैं तो यह आपके दिमाग के विकास को प्रभावित करता है। साथ ही, गर्भवती महिलाओं द्वारा तंबाकू का सेवन विकासशील भ्रूण को प्रभावित कर सकता है। यह माना जाता है कि सुगंधित हुक्का लाभकारी होता है क्योंकि यह प्राकृतिक और हर्बल सामग्री से बनाया जाता है लेकिन इस पर विश्वास करना बिल्कुल गलत है। जब चारकोल में फेलेवर को जलाया जाता है तो अंतिम परिणाम कार्बन मोनोऑक्साइड और जहरीली गैसें रिलीज होते हैं जो कि फेफड़ों और पूर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। ऐसे में आप कभी भी जानलेवा और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।हुक्का धूम्रपान करने वालों को सिगरेट पीने वालों के समान स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा होता है। जहरीले पदार्थ, रसायन और जहरीली गैसें कई तरह के कैंसर के खतरे को बढ़ाने का काम करती हैं। इसमें फेफड़े, मूत्राशय और मुंह के कैंसर, एसोफैगल कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर शामिल हैं।हुक्का पीने वाले सिगरेट पीने वालों की तुलना में अधिक सांस लेते हैं और अधिक गहरी सांस लेते हैं। इसलिए वे अधिक निकोटीन अवशोषित करते हैं। इसके अलावा, अत्यधिक हुक्का धूम्रपान इस्केमिक हृदय रोग, हृदय की विफलता और कोरोनरी धमनी रोग के विकास से जुड़ा हुआ है। आमतौर पर लोग ग्रुप में बैठकर हुक्का पीते हैं। ऐसे में सभी एक ही पाइप का इस्तेमाल करते हैं। जिससे आपको संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों का खतरा हो सकता है। इसमें कोविड, हेपेटाइटिस, मुंह में संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियां शामिल हैं।

अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कRajat Sharma’s Blog | मोदी रच रहे हैं इतिहास: भारत की सरज़मीं पर 70 साल बाद दौड़ेंगे चीते******17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इस साल अपने जन्मदिन के मौके पर वह देश को एक बेहतरीन तोहफा देने वाले हैं। वह मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी मुल्क नामीबिया से लाये गये 4 से 6 साल की उम्र के 8 जंगली चीते छोड़ेंगे। यहां इन चीतों को सबसे पहले 500 हेक्टेअर के इलाके में क्वारंटीन वाले बाड़े में रखा जाएगा।इन चीतों को, जिनमें 3 नर और 5 मादा हैं, नामीबिया की राजधानी विंडहोक से ग्वालियर तक एक विशेष विमान में लाया जाएगा। यह विमान 10 घंटे की उड़ान के दौरान अफ्रीकी महाद्वीप से भारत तक 8 हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इसके बाद इन चीतों को हेलीकॉप्टर से कुनो नेशनल पार्क ले जाया जाएगा। यात्रा के 2 दिन पहले इन चीतों को नामीबिया में भोजन दिया गया है और फ्लाइट में 3 पशु चिकित्सक उनके साथ रहेंगे। पूरे सफर के दौरान इन्हें बेहोश नहीं किया जाएगा। 3 महीने तक चीतों के व्यवहार में हुए बदलावों पर नजर रखने के बाद इन्हें 75,000 हेक्टेयर में फैले राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा जाएगा।चीतों को खास तौर से परिवर्तित बोइंग-747 विमान में नामीबिया से ग्वालियर लाया जा रहा है। विमान के अगले हिस्से पर बाघ का चेहरा पेंट किया गया है। ग्वालियर से इन्हें भारतीय वायुसेना के 2 चिनूक हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टरों से मध्य प्रदेश में श्योपुर के पास कुनो नेशनल पार्क लाया जाएगा। भारतीय वायुसेना के जवान इस ऑपरेशन को एक घंटे के अंदर पूरा कर लेंगे।नामीबिया के अलावा अगले महीने साउथ अफ्रीका से 12 और चीते लाए जाने वाले हैं। भारत में African Cheetah Introduction Project की कल्पना 2009 में की गई थी। सत्तर के दशक में गुजरात के गीर जंगल से एशियाई शेरों के बदले ईरान से चीतों को लाने का प्रस्ताव था, लेकिन यह कोशिश नाकाम रही। 2009 में नए प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद 2010 और 2012 के बीच भारत में 10 स्थानों पर नए सिरे से सर्वे कराया गया और अंत में कुनो नेशनल पार्क को चुना गया। जनवरी 2020 में, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नामीबिया और साउथ अफ्रीका से चीतों को लाने की इजाजत दे दी। चीतों को भारत लाने के लिए इस साल जुलाई में नामीबिया के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए गए थे।पिछले साल नवंबर में इन चीतों के भारत आने की उम्मीद थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। इस प्रोजेक्ट पर 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 50 करोड़ रुपये इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन द्वारा वहन किए जाएंगे। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने इंडियी ऑयल के साथ इस आशय के एक MoU पर दस्तखत किया है। चीतों के गले में हाई फ्रीक्वेंसी वाले सैटेलाइट रेडियो कॉलर पहनाये जाएंगे, और इन्हें शिकार के लिए बाड़ों के अंदर चीतल हिरण छोड़े जाएंगे।चीता कंजर्वेशन फंड की एक स्टडी के मुताबिक, 1965 और 2010 के बीच पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में 727 चीतों को 64 जगहों पर फिर से बसाया गया था, लेकिन जन्म के मुकाबले मृत्यु दर के अनुपात के आधार पर यह कवायद 64 में से सिर्फ 6 जगहों पर ही कामयाब रही थी।भारत की सरज़मीं पर एक बार फिर इन चीतों के आने से इनके संरक्षण के एक नए युग का सूत्रपात होगा। चीता दुनिया का सबसे तेज़ जानवर है जो 80 से 128 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। चीते का बदन हल्का है, उसकी टांगें लम्बी और पतली हैं, इसके कारण जब वह दौड़ता है, तो उसकी रफ्तार देखते बनती है। मध्ययुगीन भारत में हजारों चीते थे, लेकिन बेतहाशा शिकार किए जाने की वजह से वे विलुप्ति की कगार पर पहुंच गए।भारत में चीते तटीय क्षेत्रों, ऊंचे पहाड़ी इलाकों और उत्तर-पूर्व में पाए जाते थे। भोपाल और गांधीनगर के पास नवपाषाण युग के गुफा चित्रों में चीतों के चित्र हैं। बीसवीं सदी की शुरुआती में इनकी संख्या में तेजी से गिरावट आई। 1918 और 1945 के बीच, लगभग 200 चीतों को भारत लाया गया था, लेकिन फिर भी उनकी संख्या घटती गई। अंतिम तीन चीतों का शिकार छत्तीसगढ़ के कोरिया के स्थानीय शासक राजा रामानुज प्रताप सिंह ने 1947 में किया था। 1952 में सरकार ने चीतों के भारत से विलुप्त होने की घोषणा कर दी।प्रधानमंत्री ने भारत की सरज़मीं पर चीतों को फिर से लाकर एक बड़ा कदम उठाया है। इन चीतों को अफ्रीका से भारत लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए उनकी जितनी सराहना की जाय, कम है।अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कइम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए अपनी डाइट में शामिल करें ये फूड्स, FSSAI ने दी सलाह******कोरोना वायरस महामारी से खुद को बचाने के लिए आपकी इम्यून सिस्टम मजबूत होना बहुत ही जरूरी है। ऐसे में हमें ऐसी चीजों का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। जिसमें विटामिन सी के साथ साथ एंटी-ऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में हो। इसी कारण फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने ट्वीट करके बताया कि किन फूड्स में सबसे अधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। जिससे आप कई रोगों से दूर रहने के साथ-साथ इम्यूनिटी सिस्टम भी मजबूत होगा। जानिए इन फूड्स के बारे में।आंवला को विटामिन सी का सबसे अच्छा स्त्रोत माना जाता है। इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, आयरन और प्रोटीन जैसे तत्व भी पाए जाते हैं जो शरीर में खून की कमी को पूरा करने के साथ-साथ मोटापा कम करने में भी मदद करता है।संतरा में भी भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। इसके साथ ही इसमें अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।पपीते में विटामिन ए, सी, नियासिन, मैग्नीशियम, कैरोटीन, फाइबर, फोलेट, पोटैशियम, कॉपर, कैल्शियम के साथ-साथ कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो आपको इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के साथ-साथ आपके पेट को हेल्दी रखने में मदद करता है।अमरूद औषधिय गुणों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन सी, लाइकोपिन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स के गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसका सेवन करने से इम्यूनिटी बूस्ट होने के साथ-साथ ब्लड शुगर कंट्रोल होती है।शिमला मिर्च में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी, ए , ई के साथ-साथ मिनरल्स और पोटैशियम पाए जाते हैं जो इम्यून की दुरुस्त रखने के साथ कई बीमारियों से आपलका बचाव करता है।नींबू में विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैशियम, कैल्शियम, फाइबर समेत कई पोषक पाए जाते हैं जो आपकी इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही नींबू शरीर में पीएच लेवल को बढ़ाने में भी मदद करता है। वहीं अगर आप किडनी के स्टोन से परेशान हैं तो नींबू में पाया जाने वाला सिट्रिक एसिड कारगर साबित हो सकता है।

अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कगर्मी में घातक हो सकती हैं ये बीमारियां, स्वामी रामदेव से जानिए इस मौसम में बॉडी फिट रखने का फॉर्मूला******Highlightsचिलचिलाती धूप से दिल्ली राजस्थान, हरियाणा, बिहार से लेकर पहाड़ों तक तपिश बढ़ गई है और इसका सीधा असर सेहत पर पड़ रहा है क्योंकि गर्मी में ज्यादा पसीना आने से ना केवल डिहाइड्रेशन होता है बल्कि इम्यूनिटी भी वीक होती है।वही दूसरी तरफ इस मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं जो नाक,कान और गले के जरिए शरीर के डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए अंदर घुस जाते हैं और ज़ुकाम, बुखार, गले में खराश के साथ टॉन्सिल्स की परेशानी बढ़ा देते हैं।इसके अलावा पराली जलने से बढ़ने वाला पॉल्यूशन, साइनस और अस्थमा के मरीजों की मुश्किलें बढ़ाता है तो गर्म हवा के साथ उड़ती धूल एलर्जी की जगह बनती है।IMA के मुताबिक देश में पहले ही 30% आबादी यानि करीब 40 करोड़ लोगों को कोई ना कोई एलर्जी है। दिल्ली का हाल तो सबसे बुरा है। एक सर्वे के मुताबिक, प्रदूषण की वजह से दिल्ली के 50% बच्चे एलर्जी से जूझ रहे हैं जबकि 29% बच्चों को अस्थमा है।इतना ही नहीं हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक गर्मी बढ़ने से पेट में इंफेक्शन और बाकी बीमारियां भी 45 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं क्योंकि बैक्टीरिया और वायरस नाक और गले के रास्ते पेट तक पहुंच जाते हैं।यानि शरीर को डबल मेहनत करनी है गर्मी से भी बचना है और इम्यूनिटी बढ़ाकर अपने सुरक्षा बॉर्डर्स यानि ENT को भी मजबूत बनाना है। ऐसे में स्वामी रामदेव से जानिएगर्मी में बढ़ती बीमारियों से कैसे खुद का करें बचाव।अमूलवमदरडेयरीकोटक्‍करदेगीपतंजलिलॉन्‍चकिया4रुपएलीटरसस्‍ताटोंडमिल्‍कSri Lanka Crisis: श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने संभाली वित्त मंत्रालय की कमान******Highlightsश्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने वित्त मंत्रालय की कमान खुद अपने हाथों में ले ली है। श्रीलंका की डूबती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री ने बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी न्यूजवायर के मुताबिक पीएम विक्रमसिंघे ने वित्त मंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इससे पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए सोमवार को आठ और मंत्रियों को इसमें शामिल किया था, लेकिन किसी वित्त मंत्री की नियुक्ति नहीं की थी। श्रीलंका की डूबती अर्थव्यवस्था से उबरने के लिए श्रीलंकावासियों को नए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री विक्रमसिंघे से काफी उम्मीदें हैं।दरअसल श्रीलंका में मुद्रास्फीति एक साल पहले की तुलना में बढ़कर 33.8 फीसदी पहुंच गई है। इसके साथ ही अप्रैल में खाद्य मुद्रास्फीति भी 45.1 फीसदी के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई। देश में ज़रूरी सामानों की भारी किल्लत को देखते हुए मुद्रस्फीति में यह तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। इस बीच सरकार ने पेट्रोल की खुदरा कीमत में 24.3 फीसदी और डीजल की कीमत में 38.4 फीसदी की बढ़ोतरी करने की घोषणा कर दी है।बता दें, श्रीलंका साल 1948 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। विदेशी मुद्रा की कमी के कारण यह संकट पैदा हुआ है जिसकी वजह से देश आयातित अनाज और ईंधन के लिए भुगतान नहीं कर पा रहा है। इससे देश में जरूरी सामानों की घोर किल्लत हो गई है और कीमतें बहुत बढ़ गई हैं।

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