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Yogini Ekadashi 2021: 5 जुलाई को है योगिनी एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
रिलीज़ की तारीख:2022-09-29 06:54:52
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जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वIndiaTV-CNX Opinion Poll: क्या काशी में मां गंगा मोदी को दोबारा बुलाएंगी? प्रियंका की एंट्री के बाद पहला सर्वे****** देश की सियासत में इन दिनों गजब की तेजी छाई हुई है हर दिन एक नया धमाका, एक नया विवाद। कांग्रेस महासचिव का पद संभालने वाली हैं, कल वह जनरल सेक्रेटरी की मीटिंग में शामिल होंगी। यूपी में कांग्रेस की तकदीर बदलने की जिम्मेदारी है लेकिन अभी-अभी प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी के सामने पेश हुए हैं। अब सवाल ये है कि क्या प्रियंका की सियासी राह में वाड्रा का नाम आड़े आएगा? क्या गांधी पर वाड्रा उपनाम भारी पड़ेगा? इस सब के बीच इंडिया टीवी और सीएनएक्स ने यूपी की उन 43 सीटों का एक सर्वे किया है। प्रियंका की राजनीति में एंट्री के बाद किया गया ये यूपी का पहला सर्वे है। इस सर्वे के मुताबिक प्रियंका की एंट्री ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर कितनी बदली ये पता चलेगा। प्रियंका के आने से कांग्रेस को कितना फायदा होगा? बीजेपी और महागठबंधन को कितना नुकसान होगा? पूर्वांचल की एक एक सीट पर जनता का मिजाज क्या है? देखिए सर्वे में- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट है। 2014 में मोदी बंपर वोटों से जीते थे और इस बार भी वहीं परिस्थिति है। इस बार बीजेपी को 53 फीसदी वोट मिल सकते हैं। 28 फीसदी वोट के साथ कांग्रेस नंबर दो पर रह सकती है और महागठबंधन को 12 फीसदी वोट मिल सकते हैं।यहां भी इस बार बीजेपी वापसी कर सकती है। 37 फीसदी वोट के साथ बीजेपी नंबर एक, 32 फीसदी वोट के साथ महागठबंधन नंबर दो और 16 फीसदी वोट के साथ कांग्रेस नंबर तीन पर रह सकती है। इस बार भी बीजेपी वापसी कर सकती है। यहां बीजेपी को 38 फीसदी वोट मिल सकते हैं वहीं, महागठबंधन को 36 फीसदी और कांग्रेस को 3 फीसदी वोट मिल सकते हैं।यहां 41 फीसदी वोट के साथ महागठबंधन नंबर एक पर रह सकता है। बीजेपी को 35 फीसदी वोट और कांग्रेस को 3 फीसदी वोट मिल सकते हैं। यहां अपना दल वापसी कर सकता है। यह बीजेपी का सहयोगी दल है। अपना दल 35 फीसदी वोट के साथ नंबर एक पर रह सकता है। महागठबंधन को 27 फीसदी वोट और कांग्रेस को 23 फीसदी वोट मिल सकते हैं। यहां से बीजेपी के वीरेंद्र सिंह जीते थे। इस बार 45 फीसदी वोट के साथ महागठबंधन नंबर एक पर रह सकता है। बीजेपी को 37 फीसदी वोट और कांग्रेस को 04 फीसदी वोट मिल सकते हैं।इस सीट पर अच्छे वोट के साथ बीजेपी वापसी कर सकती है। यहां बीजेपी को 40 फीसदी वोट मिल सकते हैं। महागठबंधन को 32 फीसदी और कांग्रेस को 16 फीसदी वोट मिल सकते हैं। यहां महाठबंधन 40 फीसदी वोट के साथ नंबर एक पर रह सकता है। 36 फीसदी वोट के साथ बीजेपी नंबर 2 और कांग्रेस 11 फीसदी वोट के साथ नंबर तीन पर रह सकती है। इस बार भी समाजवादी पार्टी नंबर वन पर रह सकती है। सपा को 45 फीसदी वोट मिल सकते हैं। 33 फीसदी वोट के साथ बीजेपी नंबर दो और कांग्रेस 05 फीसदी वोट के साथ नंबर तीन पर रह सकती है। इस सीट पर 50 फीसदी वोट के साथ महागठबंधन बाजी मार सकता है। बीजेपी को 25 फीसदी और कांग्रेस को 08 फीसदी वोट मिल सकते हैं। यहां भी बीजेपी 35 फीसदी वोट के साथ नंबर एक पर रह सकती है। महागठबंधन को 33 और कांग्रेस को 13 फीसदी वोट मिल सकते हैं। यहां भी बीजेपी वापसी कर सकती है। 38 फीसदी के साथ बीजेपी नंबर एक, 33 फीसदी के साथ महागठबंधन नंबर दो और 22 फीसदी वोट के साथ कांग्रेस नंबर तीन पर रह सकती है।यहां BJP वापसी कर सकती है। 39 फीसदी के साथ BJP नम्बर एक, 37 फीसदी के साथ महागठबंध नम्बर दो और 11 फीसदी वोट के साथ कांग्रेस नम्बर तीन पर रह सकती है।यहांBJP को 42 फीसदी वोट, महागठबंधन को 35 फीसदी वोटऔर कांग्रेस को 15 फीसदी वोट मिल सकते हैं। प्रियंका के आने से यहां कांग्रेस भी मजबूत हुई है। कांग्रेस के वोट में 11 फीसदी का इजाफा हुआ है।ये सीट BJP से छिन सकती है। यहांSP-BSP महागठबंधन को 42% वोट मिल सकतेहैं। वहीं, BJP को 37 फीसदी और कांग्रेस को 04 फीसदी वोट मिल सकते हैं।BJP 44 फीसदी वोट के साथ नम्बर एक पर रह सकती है। वहीं, महागठबंधन को 40 फीसदी वोट और कांग्रेस को 5 फीसदी वोट मिल सकते हैं।SP-BSP महागठबंधन को यहां49% वोट मिल सकतेहैं। वहीं, BJP को 33 फीसदी और कांग्रेस को 02 फीसदी वोट मिल सकते हैं। इसी के साथ ये सीट महागठबंधन के पाले में जा सकती है।ये सीट बीजेपी के हाथ से जा सकती है।यहां SP-BSP महागठबंधन को 32% वोट मिल सकतेहैं। वहीं BJP को 25 फीसदी और कांग्रेस को 17 फीसदी वोट मिल सकते हैं।- ये सीट बीजेपी के हाथ से जा सकती है।यहां SP-BSP महागठबंधन को 41% वोट मिल सकतेहैं। वहीं BJP को 36 फीसदी और कांग्रेस को 18 फीसदी वोट मिल सकते हैं। प्रियंका गांधी के आने पर कांग्रेस का वोट 13% बढ़ सकता है। वहीं इससे महागठबंधन को 14% वोट का नुकसान हुआ है।BJP यहां 46%वोट के साथ पहले नम्बर पर रह सकती है। वहीं, SP-BSP महागठबंधन को 38% वोट और कांग्रेस को 13% वोट मिल सकते हैं। इस बार भी बीजेपी नंबर एक पर रह सकती है। बीजेपी को यहां 43% वोट मिल सकते हैं। महागठबंधन को 35% और कांग्रेस को 07% वोट मिल सकते हैं।यहां से राजेश पांडेय बीजेपी के सांसद हैं। इस बार यहां कांग्रेस बाजी मार सकती है। 35% वोट के साथ कांग्रेस नंबर एक पर रह सकती है। बीजेपी को 29% वोट और महागठबंधन को 21% वोट मिल सकते हैं।2014 में बीजेपी के हरीश द्विवेदी जीते थे। इस बार यहां महागठबंधन 48% वोट के साथ नंबर एक पर रह सकता है। बीजेपी को 30% और कांग्रेस को 06% वोट मिल सकते हैं।इस बार महागठबंधन को यहां 43% वोट मिल सकते हैं। बीजेपी 30% वोट के साथ नंबर दो पर और कांग्रेस 21% वोट के साथ नंबर तीन पर रह सकती है।40% वोट के साथ इस बार भी बीजेपी नंबर एक पार्टी बन सकती है। महागठबंधन को 38% वोट और कांग्रेस को 07% वोट मिल सकते हैं।2014 में बीजेपी के ददन मिश्रा यहां से जीते थे। इस बार 43% वोट के साथ महागठबंधन बाजी मार सकता है। 37% वोट के साथ बीजेपी नंबर दो पर रह सकती है और कांग्रेस को 12% वोट मिल सकते हैं। इस सीट से प्रवीण निषाद सपा के सांसद हैं। यह योगी आदित्यनाथ की सीट थी जो कि बड़ी शर्मनाक तरीके से बीजेपी हारी और महागठबंधन का पहला प्रयोग कामयाब हुआ लेकिन इस बार लग रहा है कि योगी आदित्यनाथ अपनी पार्टी को दोबारा लाइन में लाने में कामयाब हो सकते हैं। इस बार बीजेपी 45% वोट के साथ नंबर एक पार्टी बन सकती है। 43% वोट के साथ महागठबंधन नंबर दो पर रह सकता है और कांग्रेस को 12% वोट मिल सकते हैं।इस सीट से बीजेपी के शरद त्रिपाठी सांसद हैं। यहां बीजेपी इस बार भी आगे है। इस बार 41% वोट के साथ बीजेपी नंबर एक पर रह सकती है। महागठबंधन को 34% वोट और कांग्रेस को 03% वोट मिल सकते हैं।यह बीजेपी के वरूण गांधी की सीट है। अभी भी सुल्तानपुर से वरूण गांधी को 38% वोट मिल सकते हैं। यहां 22% वोट के साथ कांग्रेस नंबर दो और 20% वोट के साथ महागठबंधन नंबर तीन पर रह सकता है।यहां से बीजेपी के लल्लू सिंह जीते थे और इस बार भी बीजेपी 46% वोट के साथ नंबर एक पर रह सकती है। महागठबंधन को 36% वोट मिल सकते हैं और 07% वोट के साथ कांग्रेस नंबर तीन पर रह सकती है।यहां से पिछली बार बीजेपी के अंशुल वर्मा जीते थे। अभी भी इस सीट पर बीजेपी मजबूत है। यहां 45% वोट के साथ बीजेपी नंबर वन पर बनी रह सकती है। महागठबंधन को 39% वोट और कांग्रेस को 09% वोट मिल सकते हैं। इस सीट से बीजेपी के कौशल किशोर जीते थे लेकिन इस बार यह सीट बीजेपी से छिन सकती है। यहां भी 42% वोट के साथ महागठबंधन नंबर एक पर रह सकता है। बीजेपी को 30% वोट मिल सकते हैं और कांग्रेस के खाते में 12% वोट जा सकते हैं।पिछली बार बीजेपी की अंजु बाला यहां से सांसद चुनी गई थी लेकिन इस बार 49% वोट के साथ महागठबंधन नंबर एक पर आ सकता है। बीजेपी को 39% वोट और कांग्रेस को 06% वोट मिल सकते हैं।रेखा अरूण वर्मा यहां से बीजेपी की सांसद हैं। इस बार यहां कांग्रेस 35% वोट के साथ नंबर एक पर आ सकती है। 33% वोट के साथ बीजेपी नंबर दो पर और महागठबंधन 27% वोट के साथ नंबर तीन पर रह सकता है। यहा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सीट है। पिछली बार बीजेपी की स्मृति ईरानी ने इन्हें कड़ी टक्कर दी थी लेकिन राहुल गांधी जबरदस्त वोटों से जीते थे। इस बार कांग्रेस को 45% वोट मिल सकते हैं और बीजेपी को 39% वोट मिल सकते हैं। यहां से बीजेपी के राजेश वर्मा जीते थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां महागठबंधन 45% वोट के साथ नंबर एक पर रह सकता है। बीजेपी 35% वोट के साथ नंबर दो और कांग्रेस 04% वोट के साथ नंबर तीन पर रह सकती है।फिलहाल अजय मिश्रा यहां से बीजेपी के सांसद हैं। यहां महागठबंधन 43% वोट के साथ नंबर एक पर आ सकता है। बीजेपी 37% वोट के साथ नंबर दो पर और कांग्रेस 12% वोट के साथ नंबर तीन पर रह सकती है।यहां से साक्षी महाराज बीजेपी के सांसद हैं और इस बार लोकसभा चुनाव में महागठबंधन यहां बाजी मार सकता है। 32% वोट के साथ महागठबंधन नबर एक पर रह सकता है। बीजेपी 30% वोट के साथ नंबर दो पर और कांग्रेस 29% वोट के साथ नंबर तीन पर रह सकती है।यह सोनिया गांधी की सबसे सुरक्षित सीट है। वह अब भी रायबरेली की पहली पसंद हैं। यहां 60% वोट के साथ कांग्रेस नंबर एक पर रह सकती है और बीजेपी 25% वोट के साथ नंबर दो पर रह सकती है। फिलहाल प्रियंका सिंह रावत यहां से सांसद हैं। यहा 36% वोट के साथ बीजेपी के नंबर एक पर रहने के आसार है। 32% वोट के साथ कांग्रेस के नंबर 2 और महागठबंधन के 25% वोट के साथ पर नंबर तीन पर रहने के आसार है। अपना दल के कुमार हरिबंश सिंह यहा से जीते थें और एनडीए के सहयोगी है। यहां 2019 में अपना दल को 37 फीसदी वोट मिल सकते हैं। महागठबंधन भी 37 फीसदी वोट के साथ नंबर 2 पर रह सकता है और कांग्रेस 23% वोट के साथ नंबर 3 पर रह सकती है। बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ सीट से जीते थे। यहां इस समय भी बीजेपी नंबर वन पार्टी बनी रह सकती है। प्रियंका गांधी की एंट्री के बावजूद बीजेपी को 44% वोट मिल सकते हैं। कांग्रेस नंबर दो पर 28% वोट के साथ रह सकती है और महागठबंधन 20% वोट के साथ नंबर 3 पर रह सकता है।

जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वविवेक ओबेरॉय ने शॉर्ट फिल्म 'वर्सेज ऑफ वॉर' में एक कविता को दी अपनी आवाज******Highlightsअभिनेता ने हाल ही में रिलीज हुई अपनी शॉर्ट फिल्म 'वर्सेज ऑफ वॉर' में एक कविता को अपनी आवाज दी है। शॉर्ट फिल्म उन योद्धाओं को श्रद्धांजलि हैं जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह सीमा पार दो सैनिकों को दिखाता है जो कविताओं और शायरी के माध्यम से बातचीत करते हैं।कविता के बारे बात करते हुए विवेक कहते है कि जब हमारे सैनिकों द्वारा प्रकट की गई अमर भावना और सरासर जुनून को आवाज देने की बात आई, जब अपने देश को दुश्मनों से भूमि बचाने के लिए लड़ने की बात आई तो मैंने इस अवसर को जाने नहीं दिया।उन्होंने आगे कहा कि समाज के लिए सेना का योगदान बेजोड़ और माप से परे है, इसलिए यह मेरा उन्हें धन्यवाद देने और निस्वार्थ भाव से उन्हें श्रद्धांजलि देने का तरीका है।फिल्म सेना की भावना और सैनिकों की सहायता प्रणाली, उनके परिवारों के योगदान की एक अच्छी तरह से कहानी प्रस्तुत करती है।जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्व30 दिसंबर के बाद भी जारी रह सकती है कैश विड्रॉल लिमिट, करेंसी नोटों की मांग आपूर्ति के मुकाबले है ज्‍यादा****** बैंक की शाखाओं और ATM से कैश निकालने की सीमा 30 दिसंबर के बाद भी जारी रह सकती है। करेंसी छापने वाली प्रेस तथा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नए नोटों की मांग के अनुरूप आपूर्ति अभी नहीं कर पा रहे हैं। नोटबंदी की 50 दिन की सीमा अब नजदीक आ रही है। ऐसे में बैंकरों में लगातार यह धारणा बन रही है कि विड्रॉल लिमिट नए साल में भी जारी रह सकतीी है, जिससे बैंकों का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।चेक बाउंस होने पर अब आपकी खैर नहीं, महीने भर के भीतर ही खानी पड़ सकती है जेल की हवाPaytmनोटबंदी से Parle बिस्किट की बिक्री में आई गिरावट, कन्ज्यूमर गुड्स कंपनियों को हुआ 99 हजार करोड़ रुपए का नुकसान

Yogini Ekadashi 2021: 5 जुलाई को है योगिनी एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वDesh Ki Awaaz: राजस्थान, छत्तीसगढ़ में बीजेपी की वापसी, गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल में बीजेपी, और तेलंगाना में टीआरएस को मिलेगा बहुमत, इंडिया टीवी-मैटराइज सर्वे का अनुमान******Highlightsभारतीय जनता पार्टी राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ता में वापसी कर सकती है, जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में उसकी सरकार बनी रह सकती है। विधानसभा सीटों को लेकर ये सारे अनुमान इंडिया टीवी-मैटराइज ओपिनियन पोल में सामने आए जिसका आजइंडिया टीवी पर प्रसारण किया गया।ओपिनियन पोल के मुताबिक, आज विधानसभा चुनाव हुए तो पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस मामूली बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रख सकती है, जबकि तेलंगाना में टीआरएस और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार भी सत्ता में बनी रह सकती है। के मुताबिक, अगर आज चुनाव होते हैं तो 200 सीटों वीली राजस्थान विधानसभा में बीजेपी 148 सीटें जीत सकती है, कांग्रेस 42 सीटें जीत सकती है और निर्दलीय समेत 'अन्य' 10 सीटों पर जीत हासिल कर सकते हैं। 2018 के चुनावों में, बीजेपी ने 73, कांग्रेस ने 99 और अन्य ने 28 सीटें जीती थीं। वोटिंग प्रतिशत: अगर अभी चुनाव हुए तो बीजेपी 52 फीसदी, कांग्रेस 31 फीसदी और अन्य 17 फीसदी वोट पास सकते हैं। राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।मुख्यमंत्री के लिए पसंदीदा चेहरे के बारे में पूछे जाने पर अशोक गहलोत 27 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहे, जबकि बीजेपी नेता वसुंधरा राजे 22 प्रतिशत के साथ दूसरे और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत 19 प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर रहे। कांग्रेस नेता सचिन पायलट को 11 फीसदी लोगों ने अपना समर्थन दिया।सबसे बड़े चुनावी मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर सरकार के काम पर 31 फीसदी, मोदी फैक्टर पर 26 फीसदी, विधायक के काम पर 14 फीसदी और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पर 12 फीसदी लोगों ने मुहर लगाई। यह पूछे जाने पर कि क्या उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड का असर पड़ेगा, 69 फीसदी ने ‘हां’ और 23 फीसदी ने ‘नहीं’ में जवाब दिया।यह पूछे जाने पर कि वे अगले साल किस पार्टी में सरकार बनाना पसंद करेंगे, 57 प्रतिशत ने बीजेपी जबकि 27 प्रतिशत ने कांग्रेस ने कहा। यह पूछे जाने पर कि आप किसके नाम पर वोट करेंगे, 42 फीसदी ने कहा, 'मोदी के नाम पर'। सिर्फ 28 फीसदी ने ‘अशोक गहलोत के नाम पर’ वोट देने की बात कही।182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में बीजेपी 108 सीटों पर जीत दर्ज कर एक बार फिर सत्ता अपने पास बरकरार रख सकती है, वहीं आज चुनाव होने की सूरत में कांग्रेस को 55 सीटें मिल सकती हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के खाते में 8 अन्य के खाते में 11 सीटें जा सकती हैं। 2017 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 99 सीटें जीती थीं, कांग्रेस ने 77 सीटों पर जीत दर्ज की थी और अन्य के खाते में 6 सीटें गई थीं। गुजरात में इस साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को गुजरात में 48 फीसदी, कांग्रेस को 33 फीसदी और AAP को 16 फीसदी वोट मिल सकते हैं।यह पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी को चुनाव से पहले सीएम उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए, 38 फीसदी ने 'नहीं' कहा, 36 फीसदी ने कहा कि 'बीजेपी को एक नया चेहरा घोषित करना चाहिए', और 22 फीसदी ने 'वर्तमान सीएम' पर ही दांव खेलने को कहा।यह पूछे जाने पर कि आप किसके नाम पर वोट करेंगे, 33 फीसदी ने 'मोदी के नाम पर' जबकि 24 फीसदी ने 'सबसे अच्छी छवि वाले उम्मीदवार के नाम पर' वोट देने की बात कही।मुख्यमंत्री के लिए सर्वश्रेष्ठ चेहरे के बारे में पूछे जाने पर केवल 22 फीसदी ने वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का नाम लिया, जबकि 16 फीसदी ने बीजेपी नेता पुरुषोत्तम रूपाला और 9 फीसदी ने कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल के नाम पर मुहर लगाई। वहीं, 69 फीसदी लोगों ने कहा कि सूबे में सीएम के तौर पर ‘कोई अन्य चेहरा’ हो तो बेहतर होगा।यदि आज चुनाव होते है तो 230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी 119 सीटें जीतकर सत्ता में बरकरार रह सकती है। वहीं, कांग्रेस को 98 और अन्य को 13 सीटें मिल सकती हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 109, कांग्रेस ने 114 और अन्य से 7 सीटों पर जीत हासिल की थी। ओपिनियन पोल में बीजेपी को 44 फीसदी और कांग्रेस को 41 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है।मुख्यमंत्री के रूप में पहली पसंद के बारे में पूछे जाने पर 38 फीसदी लोगों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान का नाम लिया, जबकि 31 फीसदी ने कमलनाथ को चुना।90 सीटों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में बीजेपी 48 सीटें जीतकर आसानी से बहुमत हासिल कर सकती है जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस 40 सीटें जीत सकती है। यहां अन्य पार्टियां 2 सीटें जीत सकती हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 68, बीजेपी ने 15 और अन्य ने 7 सीटें जीती थीं। ओपिनियन पोल के मुताबिक, कांग्रेस को 40 और बीजेपी को 43 फीसदी वोट मिल सकते हैं।सर्वे के दौरान 38 फीसदी लोगों ने कहा कि वे मोदी के नाम पर वोट देंगे, जबकि 22 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम पर वोट देने की बात कही। पसंदीदा सीएम चेहरे के बारे में पूछे जाने पर 29 फीसदी ने राज्य के बीजेपी चीफ विष्णुदेव साय का नाम लिया, जबकि 24 फीसदी ने भूपेश बघेल और 14 फीसदी ने पूर्व सीएम रमन सिंह को अपना समर्थन दिया।महाराष्ट्र की 288 सीटों वाली विधानसभा में 134 सीटें जीतकर बीजेपी एक बार फिर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली उसकी सहयोगी शिवसेना को 41 सीटों पर जीत मिल सकती है और गठबंधन आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर सकता है। एनसीपी 44 सीटें जीत सकती है, उद्धव के नेतृत्व वाली शिवसेना को 18, कांग्रेस को 38 और अन्य को 13 सीटें मिल सकती हैं। ओपिनियन पोल के मुताबिक, बीजेपी को 34.1 फीसदी, एनसीपी को 19.6 फीसदी, कांग्रेस को 16.1 फीसदी, शिंदे की शिवसेना को 12.6 फीसदी और उद्धव की शिवसेना को 9.1 फीसदी वोट मिल सकते हैं। महाराष्ट्र में 2024 में चुनाव हो सकते हैं।सीएम के रूप में पसंदीदा चेहरे के बारे में पूछे जाने पर 38.4 फीसदी ने देवेंद्र फडणवीस, 11.3 फीसदी ने एकनाथ शिंदे, 9.2 फीसदी ने शरद पवार, 8.6 फीसदी ने कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण और 8.1 फीसदी ने उद्धव ठाकरे का नाम लिया।52 फीसदी लोगों ने कहा कि वे 2024 में बीजेपी-एकनाथ शिंदे सेना की सरकार देखना चाहते हैं, जबकि 32 फीसदी ने कांग्रेस-एनसीपी सरकार के समर्थन में वोट दिया। 52 फीसदी लोगों ने कहा कि वे मोदी के नाम पर वोट देंगे जबकि 32 फीसदी लोगों ने शरद पवार के नाम पर वोट देने की बात कही। 56 फीसदी लोगों ने उद्धव के नेतृत्व वाली पार्टी को असली शिवसेना बताया जबकि 44 फीसदी लोगों का कहना था कि एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाला दल असली शिवसेना है।यदि पंजाब में अभी चुनाव होते हैं तो आम आदमी पार्टी सत्ता में बरकरार तो रह सकती है लेकिन उसकी सीटों की संख्या में कमी आ सकती है। 117 सदस्यीय विधानसभा में आम आदमी पार्टी 72, बीजेपी 16, अकाली दल 11, कांग्रेस 9 और अन्य भी 9 सीटों पर जीत दर्ज कर सकते हैं। इसी साल हुए विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 92, कांग्रेस ने 18, अकाली दल ने 3, बीजेपी ने 2 और अन्य ने 2 सीटों पर जीत हासिल की थी।यह पूछे जाने पर कि क्या आप मौजूदा सरकार को बदलना चाहते हैं, 46 फीसदी ने ‘नहीं’ में जवाब दिया, जबकि 41 फीसदी ने ‘हां’ कहा। यह पूछे जाने पर कि आम आदमी पार्टी की सरकार का प्रदर्शन कैसा रहा, 32 फीसदी ने कहा कि वे खुश नहीं हैं, 31 फीसदी ने कहा कि वे खुश हैं, 24 फीसदी ने कहा कि आप ने अपने वादे पूरे किए जबकि 13 फीसदी ने कहा ‘गलती हो गई।’403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में अगर आज चुनाव होते हैं तो योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली बीजेपी 292 सीटें जीत सकती है। वहीं, समाजवादी पार्टी को 94, कांग्रेस को एक और अन्य को 16 सीटें मिल सकती हैं। मार्च में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 255, समाजवादी पार्टी ने 111, कांग्रेस ने एक, बीएसपी ने एक एवं अन्य ने 35 सीटों पर जीत हासिल की थी। ओपिनियन पोल के मुताबिक, आज चुनाव होने पर बीजेपी को 44.6 और समाजवादी पार्टी को 31.3 फीसदी वोट मिल सकते हैं।यूपी में 38 फीसदी लोगों ने ‘योगी की लोकप्रियता’ जबकि 26 फीसदी ने ‘सुशासन और राशन’ के मुद्दे पर वोट देने की बात कही। 56 फीसदी ने कहा कि ‘डबल इंजन फैक्टर वोट में निर्णाय भूमिका अदा करता है’ जबकि 38 फीसदी लोगों ने इस बात से इनकार किया।243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में अगर आज चुनाव होते हैं तो राष्ट्रीय जनता दल को 83 सीटें मिल सकती हैं जबकि बीजेपी 81 सीटें जीत सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल (युनाइटेड) 38 सीटें और कांग्रेस को 11 सीटें मिल सकती हैं। लोक जनशक्ति पार्टी को एक सीट मिल सकती है, जबकि अन्य के खाते में 29 सीटें जा सकती हैं। ओपिनियन पोल के मुताबिक, आरजेडी को 26.3 फीसदी, बीजेपी को 23.6 फीसदी, जेडीयू को 13.6 फीसदी और कांग्रेस को 7.2 फीसदी वोट मिल सकते हैं। बिहार में 2025 में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2020 के विधानसभा चनाव में आरजेडी ने 75, बीजेपी ने 74, जेडीयू ने 43, कांग्रेस ने 19, एलजेपी ने एक और अन्य ने 31 सीटों पर जीत हासिल की थी39 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी के नाम पर, 28 फीसदी ने नीतीश कुमार के नाम पर और 22 फीसदी ने तेजस्वी यादव के नाम पर वोट देने की बात कही। 45 फीसदी लोगों ने कहा कि वे राज्य बीजेपी-जेडीयू की सरकार चाहते हैं जबकि 22 फीसदी ने आरजेडी-कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही।तेलंगाना में आज चुनाव हुए तो मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति सत्ता में बरकरार रह सकती है। टीआरएस 117 में से कुल 76 सीटें जीत सकती है, जबकि बीजेपी 21 और कांग्रेस 12 सीटों पर अपना परचम लहरा सकती है। ओवैसी की एआईएमआईएम को 7 एवं अन्य को एक सीट मिल सकती है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, टीआरएस को 42, बीजेपी को 28 और कांग्रेस को 23 फीसदी वोट मिल सकते हैं।36 फीसदी लोगों ने कहा कि वे केसीआर के प्रदर्शन पर वोट देंगे, जबकि 22 फीसदी ने कहा कि वे मोदी का समर्थन करेंगे। मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर 41.8 फीसदी ने के. चंद्रशेखर राव, 26.8 फीसदी ने कांग्रेस नेता उत्तम कुमार रेड्डी और 21.6 फीसदी ने बीजेपी नेता बी. संजय कुमार का समर्थन किया।इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी अपने पास सत्ता को बरकरार रख सकती है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, बीजेपी 47, कांग्रेस 17, आम आदमी पार्टी एक और अन्य 3 सीटों पर जीत हासिल कर सकते हैं। ओपिनियन पोल के मुताबिक, बीजेपी को 48 फीसदी, कांग्रेस को 39 फीसदी एवं आप को 5 फीसदी वोट मिल सकते हैं।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 26 फीसदी वोटों के साथ लोगों की पहली पसंद हैं, जबकि कांग्रेस की प्रतिभा सिंह को 21 फीसदी, कांग्रेस नेता आशा कुमारी एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को 17-17 फीसदी लोगों ने पसंदीदा सीएम चेहरा बताया।294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले साल प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी, जबकि अभी चुनाव होने की सूरत में उनकी पार्टी एक बार फिर सत्ता में आ सकती है लेकिन उसकी सीटें घट सकती हैं। आज चुनाव हुए तो टीएमसी को 173, बीजेपी को 112, कांग्रेस को 2, लेफ्ट को 2 एवं अन्य को 5 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, टीएमसी को 46 फीसदी और बीजेपी को 41 फीसदी वोट मिल सकते हैं। पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में टीएमसी ने 213 और बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि अन्य के खाते में 4 सीटें गई थीं। कांग्रेस और लेफ्ट को एक भी सीट नहीं मिली थी।सीएम पद के लिए पसंदीदा चेहरे के तौर पर 46 फीसदी ने ममता बनर्जी को चुना, जबकि 24 फीसदी ने बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को और 20 फीसदी ने बीजेपी नेता दिलीप घोष का समर्थन किया।जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वबिहार: महागठबंधन में बवाल तय! RJD की कांग्रेस को दो टूक- 58 सीट मंजूर नहीं तो तलाश लें अपना रास्ता****** बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। दोनों गठबंधनों में सभी दल ज्यादा से ज्यादा सीटों के लिए जोर अजमाइश कर रहे हैं। एक तरफ जहां एनडीए में जदयू और एलजेपी भिड़े हुए हैं वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन में भी हालात खराब नजर आ रहे हैं। छोटे दलों को तो छोड़िए, महागठबंधन के दो बड़े दल- राजद और कांग्रेस में भी सीटों को लेकर रार छिड़ती नजर आ रही है। बिहार में सीटों को लेकर राजद की तरफ से कांग्रेस को अल्टीमेटम दे दिया गया है कि उन्हें 58 से अधिक सीटें नहीं दी जा सकती हैं।पढ़ें-बिहार में राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने साफ तौर पर कह दिया है किअगर कांग्रेस को 58 सीट मंजूर नहीं है तो वो अपना रास्ता तलाश सकते हैं। साल 2015 में कांग्रेस को 41 सीटें महागठबंधन में मिली थीं, जिसमें 27 पर पार्टी को जीत मिली थी। जबकि RJD और जेडीयू 101-101 सीट पर लड़े थे। इस बार बिहार में हालात फिर बदल गए हैं, जदयू और भाजपा एकबार फिर से साथ हैं, जीतन राम मांझी भी महागठबंधन छोड़ नीतीश कुमार के साथ हो लिए हैं, ऐसे में कांग्रेस ज्यादा सीटों पर दावा ठोक रही है लेकिन राजद इसके लिए तैयार नहीं है।राजद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद लवली आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने राजद में मन से काम करने का वादा करते हुए कहा कि नीतीश सरकार सभी पुरूषार्थी नेताओं को जेल भेजने का काम कर रही है, ऐसे लोगों को सत्ता से बेदखल करने के लिए सभी को एकजुट करेंगी। बाहुबली नेता आनंद मोहन फिलहाल जेल में बंद हैं।जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वविश्व कप 2019: आखिरी मैच में श्रीलंका को मात देकर अंकतालिका में टॉप करने पर होगी भारत की नजरें******लीड्स। भारत और श्रीलंका के बीच शनिवार को यहां के हेडिग्ले मैदान में मैच होना है। भारत पहले ही आईसीसी विश्व कप-2019 के सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है जबकि श्रीलंका अंतिम-4 की रेस से बाहर हो चुकी है। ऐसे में इस मैच के परिणाम से अंतिम-4 पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन आत्मविश्वास के हिसाब से भारत के लिए यह मुकाबला अहम है। वहीं, श्रीलंका जीत के साथ विश्व कप से विदाई लेने के मूड में है।भारत की नजरें साथ ही इस मैच में जीत हासिल कर लीग दौर का अंत शीर्ष स्थान पर रहकर करने की होंगी। इसके लिए हालांकि उसे शनिवार को ही ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले मैच में आस्ट्रेलिया की हार की दुआ करनी होगी। आस्ट्रेलिया अभी 14 अंकों के साथ पहले स्थान पर है तो वहीं भारत 13 अंकों के साथ दूसरे।भारत अगर श्रीलंका पर जीत हासिल करता है तो उसके 15 अंक होंगे लेकिन अगर आस्ट्रेलिया भी अपना मैच जीत जाती है तो उसके 16 अंक होंगे और वह लीग दौर का अंत पहले स्थान के साथ करेगी।श्रीलंका से भारत को संभलकर रहना होगा क्योंकि यह टीम इंग्लैंड जैसी टीम को मात दे चुकी है। इस मैच में उसके पास खोने को कुछ नहीं है इसलिए साख बचाने के लिए वह पूरे दम से भारत को मात देने की फिराक में होगी।श्रीलंकाई टीम की कमी निरंतरता रही है। कुछ खिलाड़ियों ने जरूर अच्छा किया है लेकिन टीम एक ईकाई के तौर पर बेहतर नहीं कर सकी।कुशल परेरा, कप्तान दिमुथ करुणारत्ने ने कुछ बेहतरीन पारियां खेंलीं तो गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा ने टीम के लिए अच्छा किया, लेकिन इन तीनों के अलावा और कोई नाम इस विश्व कप में अपनी छाप नहीं छोड़ सका।भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसको सिर्फ तीन खिलाड़ियों के जिम्मे रहना भारी पड़ सकता है।भारत के लिए यह मैच अपनी गलतियों को सुधाराने वाला मैच है जो बीते दो-तीन मैचों में देखने को मिली हैं। नंबर-4 की समस्या अभी भी बरकरार है। युवा ऋषभ पंत ने यहां कदम रखने के बाद ज्याद प्राभावित नहीं किया। लेकिन अगर कायदे से देखा जाए तो पंत ने सिर्फ दो मैच ही इस नंबर पर खेले हैं।मध्य क्रम की चिंता भी भारत के लिए बड़ी है। रोहित शर्मा और कप्तान विराट कोहली अगर विफल होते हैं तो टीम का संभलना मुश्किल हो जाता है।गेंदबाजी में एक बदलाव हो सकता है। पिछले मैच में टीम में शामिल किए गए दिनेश कार्तिक के स्थान पर हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जडेजा को टीम में मौका दिया जा सकता है।विजय शंकर के स्थान पर टीम में मयंक अग्रवाल को शमिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ मयंक वनडे पदार्पण कर पाते हैं या नहीं यह देखना होगा।गेंदबाजी में अगर वैसे देखा जाए तो जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी अच्छा कर रहे हैं। युजवेंद्र चहल ने भी प्रभावित किया है। पिछले मैच में कुलदीप नहीं खेले थे वह दोबारा टीम में शामिल किए जा सकते हैं इसकी संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।टीमें (संभावित) :भारत : विराट कोहली (कप्तान), जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल, ऋषभ पंत, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, लोकेश राहुल, मोहम्मद शमी, रोहित शर्मा, कुलदीप यादव।श्रीलंका : दिमुथ करुणारत्ने (कप्तान), अविश्का फर्नांडो, लाहिरू थिरिमाने, एंजेलो मैथ्यूज, धनंजय डी सिल्वा, इसुरु उदाना, मिलिंदा श्रीवर्दना, थिसारा परेरा, जीवन मेंडिस, कुशल परेरा (विकेटकीपर), कुशल मेंडिस, जैफ्री वैंडरसे, लसिथ मलिंगा, सुरंगा लकमल, नुवान प्रदीप।

Yogini Ekadashi 2021: 5 जुलाई को है योगिनी एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्व‘मुलायम जी असली हैं जन्मजात पिछड़े वर्ग के हैं’, मायावती ने मैनपुरी में दिया बयान******24 साल के बाद के साथ मंच साझा करने के बाद बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो ने उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीट पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव असली जन्मजात के हैं न कि प्रधानमंत्री मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के।रैली के दौरान मायावती ने कहा ‘’इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन्होंने (मुलायम) समाजवादी के बैनर तले उत्तर प्रदेश में सभी समाज के लोगों को अपनी पार्टी में जोड़ा है। ये पीएम मोदी की तरह नकली और फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं है, मुलायम जी असली हैं, जन्मजात पिछड़े वर्ग के हैं।’’मायावती से पहले मुलायम सिंह यादव ने भी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा ‘’आज मायावती जी आई हैं, उनका हम स्वागत करते हैं, आदर करते हैं। मायावती जी का बहुत सम्मान करना हमेशा, क्योंकि समय जब भी आया है तो मायावती जी ने हमारा साथ दिया है, हमे खुशी है कि हमारे समर्थन के लिए वो आई हैं।‘’उत्तर प्रदेश की राजनीति में मायावती और मुलायम सिंह यादव लंबे समय से एक दूसरे के विरोधी रहे हैं, लेकिन इस बार उनके दलों बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने एक साथ लड़ने का फैसला किया और उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट से दोनो दलों ने अपना साझा उम्मीदवार मुलायम सिंह यादव को बनाया है। 24 साल के बाद ऐसा मौका आया है जब मुलायम सिंह यादव और मायावती ने एक साथ मंच साझा किया है।2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर मुलायम सिंह यादव की जीत हुई थी, मुलायम सिंह यादव को 5.95 लाख से ज्यादा वोट मिले थे और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी के शत्रुघन सिंह चौहान को 3.5 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था।जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वसैयद मोदी प्रतियोगिता के पुरुष एकल के फाइनलिस्ट में बांटी जाएगी पुरस्कार राशि******नई दिल्ली। सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन के पुरुष एकल के फाइनल को एक खिलाड़ी के कोविड-19 पॉजिटिव पाये जाने के बाद ‘कोई मुकाबला नहीं’ घोषित कर दिया गया है और अब पुरस्कार राशि दोनों खिलाड़ियों के बीच बांटी जाएगी।विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, ‘‘सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय 2022 के पुरुष एकल के फाइनल में पहुंचे दोनों खिलाड़ियों को विश्व रैंकिंग के अंक और पुरस्कार राशि का समान हिस्सा मिलेगा।’’इसमें कहा गया है, ‘‘एक फाइनलिस्ट को कोविड-19 के लिये पॉजिटिव पाया गया था, जबकि अन्य फाइनलिस्ट को उसका करीबी संपर्क माना गया है, इसलिए पुरुष एकल फाइनल को ‘कोई मुकाबला नहीं’ घोषित किया गया है।’’फाइनल मुकाबला रविवार को फ्रांस के दो खिलाड़ियों अर्नाड मर्कल और लुकास क्लियरबोट के बीच खेला जाना था। भारतीय स्टार पी वी सिंधू ने हमवतन मालविका बंसोड़ को हराकर महिला एकल का खिताब जीता था।

Yogini Ekadashi 2021: 5 जुलाई को है योगिनी एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वHappy Birthday Zaheer Khan : भारत का एक ऐसा गेंदबाज जिसने डेब्यू मैच में 10 विकेट लेकर मचा दी थी सनसनी!******भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर आज 43 साल के हो गए हैं। भारतीय क्रिकेट में जहीर एक ऐसे नाम हैं जिन्होंने कपिल देव और जवागल श्रीनाथ के बाद टीम इंडिया में तेज गेंदबाजी की विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया। भारत के लिए 14 साल इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले जहीर ने तीनों फॉर्मेट मिलाकर अपनी सटीक और धारदार गेंदबाजी से कुल 610 विकेट अपने नाम किए।साल 2000 के दशक में जहीर टीम इंडिया के तेज गेंदबाजी का नेतृत्वकर्ता थे। ऐसे में आइए जानते हैं उनके जन्मदिन पर उनकी जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें-जहीर खान ने साल 2000 में केन्या के खिलाफ अपना वनडे इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अपने पहले मैच में उन्होंने तीन विकेट लेकर पूरी दुनिया यह दिखा दिया की वह तेज गेंदबाजी में टीम इंडिया के लिए लंबी रेस का घोड़ा हैं।इस मैच में उन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से मोहम्मद शेख, हितेश मोदी और मार्टिन सूजी का विकेट अपने नाम किया था। जहीर के पहले दो विकेट क्लीन बोल्ड का जो बेहद ही दर्शनीय था।बहुत कम लोगों को यह पता है की क्रिकेटर बनने से पहले जहीर खान एक इंजिनियर बनने की राह पर थे। दरअसल वह इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे लेकिन उनके पिता ने उन्हें तेज गेंदबाज बनने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्होंने पिता की बात मान कर खुद को क्रिकेट की तरफ मोड़ लिया।इसके बाद तो वो टीम इंडिया के लिए 92 टेस्ट और 200 वनडे के अलावा 17 T20 मुकाबले भी खेल गए। टेस्ट में उन्होंने 311 विकेट, वनडे में 282 विकेट और T20 में 17 विकेट अपने नाम किए हैं।भारत का यह स्टार क्रिकेटर काउंटी क्रिकेट में वोर्सेस्टरशर के लिए साल 2005 में अपना डेब्यू किया था। जहीर ने अपने पहले ही मैच में 10 विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी। यह मैच समरसेट के खिलाफ खेला गया था।हालांकि, वोर्सेस्टरशर ये मुकाबला जीत नहीं सकी पर ज़हीर इंग्लैंड की इस काउंटी टीम के 100 से भी ज्यादा सालों के इतिहास में डेब्यू पर 10 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए।

जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वPMAY के तहत 2019 के मध्य तक बन जाएंगे 1.12 करोड़ मकान, 2022 से पहले लक्ष्‍य पूरा होने की उम्‍मीद******PMAY केंद्रीय आवास मंत्री ने कहा कि के तहत 1.12 करोड़ घरों के निर्माण का लक्ष्य 2019 के मध्य तक हासिल होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए समयसीमा 2022 तक है। सरकार ने PMAY के तहत 2022 तक 1.12 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा है। पुरी ने कहा कि सोमवार को मंजूरी समिति की बैठक हुई। जिसमें हमने 3,18,000 मकानों को मंजूरी दी। हमारा हर महीने तीन लाख मकान बनाने का लक्ष्य है। इसका मतलब है कि हम एक साल 36 लाख मकान बनाएंगे।पुरी ने कहा कि इस हिसाब से हम योजना के तहत जून-जुलाई, 2019 तक 1.12 करोड़ घरों का निर्माण पूरा कर लेंगे। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने पिछले दो बजट में से प्रत्‍येक में 6,500 करोड़ रुपए इसके लिए पहले पहले ही आवंटित कर चुकी है इसलिए फंड की कोई कमी नहीं है।जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वराहुल गांधी अकेले व्यक्ति हैं, जो दमखम के साथ मोदी का मुकाबला कर रहे हैं: गहलोत******राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से पहले सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व का समर्थन करते हुए रविवार को कहा कि राहुल गांधी अकेले व्यक्ति हैं, जो प्रधानमंत्री का पूरे दमखम से मुकाबला कर कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में चुनावी हार का ‘पोस्टमॉर्टम’ होगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘राजनीति में कई तरह की परिस्थिति बन जाती है, उससे घबराना नहीं चाहिए। हम लोगों ने लंबे समय से देखा है, उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, यही भारतीय जनता पार्टी जो आज सत्ता में है, उसे कभी संसद में सिर्फ 2 सीट मिली थी। इसलिए चुनाव में हार-जीत होती रहती है, हम उनसे घबराते नहीं हैं।’’उनके मुताबिक, ‘‘आज राहुल गांधी अकेले व्यक्ति हैं, जो दमखम के साथ नरेंद्र मोदी जी का मुकाबला कर रहे हैं और नरेंद्र मोदी जी को भी राहुल गांधी जी को टार्गेट करके ही अपना भाषण शुरू करना पड़ता है और उसका अंत करना पड़ता है। आप समझ सकते हो कि इसका क्या मतलब है।’’सीडब्ल्यूसी की बैठक के बारे में गहलोत ने कहा, ‘‘सीडब्ल्यूसी की बैठक सोनिया जी ने समय से बुलाई है। वहां बैठकर हम चर्चा करेंगे हम लोग, पोस्टमॉर्टम भी होगा। आगे कैसे बढ़ना है, आगे नए सिरे से कैसे काम करना है इस बारे में बात करेंगे। जहां कमी है, उसे दूर करेंगे।’’(इनपुट- एजेंसी)

जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वMaruti Suzuki के इन दो लोकप्रिय मॉडल से Toyota ने भी बटोरे पैसे, धुंआधार बिक्री से बनाया ​नया रिकॉर्ड******Highlights वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने शनिवार को कहा कि उसके प्रीमियम हैचबैक ग्लैंजा और कॉम्पैक्ट एसयूवी अर्बन क्रूजर की थोक बिक्री का सम्मिलित आंकड़ा एक लाख इकाई के पार हो गया है। टीकेएम इन दोनों वाहनों को मारुति सुजूकी इंडिया के साथ साझेदारी में पेश करती है। इस समझौते के तहत कंपनी मारुति की बलेनो को ग्लैंजा और विटारा ब्रेजा को अर्बन क्रूजर के ब्रांड नाम से बाजार में बेच रही है।टीकेएम ने एक बयान में कहा कि ग्लैंजा और अर्बन क्रूजर की सम्मिलित थोक बिक्री एक लाख इकाई से अधिक हो चुकी है। जून 2019 में पेश ग्लैंजा की अब तक 65,000 से अधिक इकाइयों की बिक्री हुई है जबकि सितंबर 2020 में उतारी गई अर्बन क्रूजर की अब तक 35,000 से अधिक इकाइयां बिक चुकी हैं।टोयोटा किर्लोस्कर के सहायक उपाध्यक्ष (बिक्री एवं रणनीतिक विपणन) अतुल सूद ने इस उपलब्धि को ग्राहकों के भरोसे का प्रमाण बताते हुए कहा कि इन दोनों मॉडल के जरिये कंपनी युवा ग्राहकों को एक बढ़िया अनुभव देने में सफल रही है।टीकेएम देश भर में फैले अपने 418 डीलर आउटलेट की मदद से ग्राहक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान दूसरे एवं तीसरे दर्जे के शहरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वपाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब, अंदरूनी मामलों में ‘हस्तक्षेप’ पर लताड़ा******Highlightsपाकिस्तान में चल रहे हालिया घटनाक्रम को देखते हुए अमरिका के साथ उसके रिश्तों में तल्खी आने की संभावना बढ़ गई है। शुक्रवार को मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान ने अमेरिका के एक वरिष्ठ राजनयिक को इस्लामाबाद में तलब कर देश के अंदरूनी मामलों में अमेरिका के कथित ‘हस्तक्षेप’ के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए एक ‘विदेशी साजिश’ में वॉशिंगटन की भूमिका है।सीधे प्रसारण में देश को संबोधित करने के दौरान खान ने ‘धमकी भरे एक पत्र’ का जिक्र किया और कहा कि स्वतंत्र विदेश नीति पर चलने के लिए उन्हें सत्ता से अपदस्थ करने की विदेशी साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि धमकी वाले पत्र के पीछे अमेरिका का हाथ है। हालांकि, माना जा रहा है कि जुबान फिसलने के कारण ने का नाम लिया। द डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, के विदेश मंत्रालय ने “धमकी भरे पत्र” के मुद्दे पर इस्लामाबाद में अमेरिका की राजनयिक एंजेला पी एगलर को तलब किया। पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा बृहस्पतिवार को लिए गए निर्णय के बाद यह कदम उठाया गया।विदेश मंत्रालय ने, औपचारिक संवाद के दौरान विदेशी अधिकारी द्वारा इस्तेमाल किये गए लहजे पर अमेरिकी राजनयिक को कड़ी आपत्ति जताने वाला एक पत्र भी सौंपा। खान द्वारा जिस कथित पत्र का उल्लेख किया गया उसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर खान के विरुद्ध विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिर जाता है तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। खबर के अनुसार, अमेरिकी राजनयिक से कहा गया कि पकिस्तान के अंदरूनी मामलों में दखलअंदाजी अस्वीकार्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने उस ‘देश’ को एक कड़ी आपत्ति वाला पत्र जारी करने का निर्णय लिया जिसने एक संवाद के दौरान यूक्रेन पर पाकिस्तान नीति पर अप्रसन्नता जताई थी।उक्त संवाद के बाद अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान ने विदेश मंत्रालय को इस मुद्दे पर पत्र भेजा था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस पत्र को नेशनल असेम्बली में उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से जोड़ा। नेशनल असेम्बली में रविवार को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना है। अमेरिका ने कहा है कि उसकी ओर से पाकिस्तान की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कोई पत्र नहीं भेजा गया। इसके साथ ही अमेरिका ने इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव में हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया।

जुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वशुरुआती कुछ मिनट में ही बाजार लाल निशान पर फिसला, सेंसेक्स 50 अंक टूटा, निफ्टी 9500 के नीचे******बुधवार केकारोबारी सत्र में की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई थी, लेकिन कुछ मिनटों के दौरान ही बाजार लाल निशान पर फिसल गया। सरकारी बैंकों के शेयरों में हुई तेज बिकवाली के चलते सेंसेक्स-निफ्टी 0.20 फीसदी तक लुढ़क गए है। फिलहाल (9:20 AM)BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स अंक की गिरावट के साथ 30919 के स्तर पर आ गया है। वहीं, NSE का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स अंक गिरकर 9497 के स्तर परहै। 11 दिन में 1.93 रुपए प्रति लीटर सस्ता हुआ पेट्रोल, डीजल के दाम 96 पैसे घटे, अब आगे क्याआईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचूअल फंड के फंड मैनेजर योगेश भट् का कहना है कि बाजार में कंसोलेडेशन और करेक्शन सहित अन्य कारणों से गिरा है। बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी दिक्कतें और जीएसटी लागू जैसे समस्याओं के चलते बाजार में करेक्शन देखने को मिला है जो आनेवाले समय में बरकरार रह सकता है। लेकिन बाजार की इस गिरावट में खरीदारी का मौका तलाश लंबी अवधि के लिए बने रहने की सलाह होगी।आईटी सेक्टर में काफी चुनौतियां देखने को मिल रही है। इस सेक्टर में ग्रोथ में कमी आई है। साथ ही इस सेक्टर की कंपनियों पर खराब खबरों के चलते जिस तरह से अर्निंग पर प्रभाव पड़ा है उसके चलते भी इस सेक्टर के कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बड़ा है। रिस्क कैपिटल एडवाइजर्स के डी डी शर्मा का कहना है कि आज के सत्र में बाजार की चाल को देखते हुए कहा जा सकता है कि बाजार में अब अधिक करेक्शन के मूड़ में आया है। अगर बुधवार को भी बाजार निचले स्तर पर बंद होता है तो बाजार में करेक्शन देखने को मिलेगी। जिसके बाद बाजार में ऊछाल पर बिकवाली की रणनीति ही अपनाने की सलाह होगी। मौजूदा समय में बाजार में उतार-चढ़ाव का यह माहौल कब तक बना रहता है यह कहना उचित नहीं होगा। लेकिन बाजार में कहीं ना कहीं करेक्शन का मूड़ बना हुआ है।डी डी शर्मा के मुताबिक बैंकिंग सेक्टर में ही सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रही है जिसके कारण बैंक निफ्टी में और भी करेक्शन बना रह सकता है। वहीं फार्मा सेक्टर में इस बाजार में काफी पहले ही करेक्ट हो चुके है। मौजूदा समय में फार्मा सेक्टर बॉटम लेवल के आसपास कंसोलेडेट हो रहे है। अगर इसमें चुनिंदा सेक्टर में पॉजिटीव खबरें की शुरूआत होती है तो इनमें तेजी देखने को मिल सकती है।GST Impact: Coca-Cola बढ़ाएगी अपने कोल्‍डड्रिंक्‍स के दाम, कम होगी किनले की कीमतजुलाईकोहैयोगिनीएकादशीव्रतजानेंशुभमुहूर्तपूजाविधिऔरमहत्वAsia Cup 2022: सावधान! पाकिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग के बल्लेबाजों को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी******Highlights एशिया कप 2022 के एक बेहद ही अहम मुकाबले में पाकिस्तान का मुकाबला हॉन्ग कॉन्ग से होगा। शारजाह में होने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए एलिमिनेटर की तरह है। यानी टूर्नामेंट में बने रहने के लिए बाबर आजम और निजाकत खान की टीमों को हर हाल में जीत दर्ज करनी ही होगी।पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग ने टी20 इंटरनेशनल में अब तक एक दूसरे का सामना नहीं किया है। इन दोनों टीमों के बीच अब तक तीन वनडे इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं और तीनों में ही पाकिस्तान को जीत मिली है। जाहिर है सारजाह में होने वाले इस मैच में भी पाकिस्तानी टीम बतौर फेवरेट मैदान में उतरेगी। लेकिन पिछले मुकाबले में भारत के खिलाफ हॉन्ग कॉन्ग के प्रदर्शन को देखने के बाद बाबर आजम एंड कंपनी उन्हें हल्के में लेने की भूल नहीं करेगी।हॉन्ग कॉन्ग ने पिछले मुकाबले में भारत के 192 रन के जवाब में 152 रन बना डाले थे। ये स्कोर एशिया कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के बनाए 147 से ज्यादा है। हॉन्ग कॉन्ग का ये प्रदर्शन बताता है कि उनके बल्लेबाजों में बहुत जान है। पाकिस्तान के गेंदबाजों को बाबर हयात, किंचित शाह और जिशान अली जैसे बल्लेबाजों से सावधान रहने की जरूरत होगी। पाकिस्तान और हॉन्गकॉन्ग इन दोनों ही टीमों को अपने पहले मुकाबले में भारत से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। एशिया कप के पहले मैच में आर्च राइवल्स ने भारत के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 147 रन बनाए थे। अगर टूर्नामेंट के दूसरे मैच में भी पाक बल्लेबाजों का यही हाल रहा तो हॉन्ग कॉन्ग एक बड़ा उलटफेर कर सकता है।अपने पहले मैच में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से शिकस्त दी थी जबकि दूसरे मुकाबले में रोहित शर्मा एंड कंपनी ने हॉन्गकॉन्ग को 40 रन से हराया था। भारत ग्रुप ए से सुपर फोर में जाने वाली पहली और एकमात्र टीम है। पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के बीच होने वाले इस मुकाबले में जीतने वाली टीम को इस ग्रुप से भारत के साथसुपर फोर में पहुंचने कामौका मिलेगा।

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