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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पहली बार खुली आरटी-पीसीआर लैब, पहले श्रीनगर भेजे जाते थे सैंपल
रिलीज़ की तारीख:2022-09-29 03:23:09
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जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलUttarakhand Landslide: उत्तराखंड में भूस्खलन की चपेट में आया वाहन, एक महिला की मौत, 5 घायल******Highlightsउत्तराखंड में आज बुधवार को ज्यादातर जगहों पर बारिश हुई, जिससे अनेक स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान केदारनाथ मार्ग पर सोनप्रयाग के समीप एक वाहन के भूस्खलन की चपेट में आने से एक महिला की मृत्यु हो गई। महिला महाराष्ट्र की थीं। वहीं, पांच अन्य लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि हादसा बुधवार दोपहर बाद 3:00 बजे के आस-पास रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ, जब मुनकटिया के समीप पहाड़ी से अचानक भूस्खलन होने से सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा में लगा वाहन उसकी चपेट में आ गया। दुर्घटना में वाहन सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।सूचना मिलने पर पुलिस एवं राज्य आपदा प्रतिवादन बल के जवान मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के समय वाहन में 11 यात्री सवार थे, जो भगवान केदारनाथ के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। मरने वाली महिला की पहचान महाराष्ट्र के अहमदनगर की रहने वाली 62 वर्षीय पुष्पा मोहन भोंसले के रूप में हुई है।वहीं, उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धाम की यात्रा के लिए स्वास्थ्य संबंधी परामर्श जारी किए जाने के बावजूद कठिन मौसम और स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से अब तक 203 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। चारधाम यात्रा तीन मई को अक्षय तृतीया के पर्व से शुरू हुई थी और अधिकतर श्रद्धालुओं की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई है।इसके अलावा विषम पहाड़ी मौसमी दशाओं के चलते कई लोग विशेष रूप से बुजुर्ग तीर्थयात्रियों का स्वास्थ्य खराब भी हुआ, जिन्हें हवाई एंबुलेंस समेत तमाम प्रकार की चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 26 जून तक चारधाम यात्रा पर आने वाले 203 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जान चली गई। इनमें से सबसे ज्यादा 97 लोगों की मौत केदारनाथ में हुई, जबकि बदरीनाथ में 51, यमुनोत्री में 42 और गंगोत्री में 13 तीर्थयात्रियों ने दम तोड़ा।

जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलसमय रहते फुल करवा लें आप अपने वाहनों की टंकियां, पेट्रोल-डीजल के दाम में आने वाला है इतना ज्‍यादा उछाल******Petrol, diesel prices may shoot up by Rs 5-6 a litreसऊदी अरब में प्रमुख तेल उत्‍पादक क्षेत्रों में ड्रॉन हमले के बाद कच्‍चे तेल के उत्‍पादन में अबतक की सबसे बड़ी रुकावट आई है। सोमवार को विश्‍लेषकों ने कहा कि इस हमले के बाद भारत में अगले 15 दिनों के भीतर में 5 से 6 रुपए प्रति लीटर की तेजी आ सकती है। कोटक द्वारा जारी हालिया एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर कच्‍चे तेल की कीमतों में अत्‍यधिक तेजी आने की वजह से भारतीय तेल विपणन कंपनियां अगले 15 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 5 से 6 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर सकती हैं।सऊदी अरब में तेल उत्‍पादक क्षेत्रों में ड्रॉन हमले के बाद कच्‍चे तेल की कीमत 20 प्रतिशत तक उछलकर 71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। हमले के बाद 57 लाख बैरल कच्‍चा तेल का उत्‍पादन बंद हो गया। सऊदी अरामको ने अपने एक बयान में कहा कि इन हमलों की वजह से प्रतिदिन 57 लाख बैरल कच्‍चे तेल का उत्‍पादन बंद हो गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि सऊदी अरब में हमले के बाद अगले 15 दिनों के भीतर कच्‍चे तेल के दाम रॉकेट की तरह ऊपर जाएंगे। उल्‍लेखनीय है कि सऊदी अरब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्‍पादक देश है।हालांकि, अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने ट्विट कर कहा है कि सऊदी अरब के तेल भंडार पर हमला हुआ है। हमें इसके आरोपियों के बारे में पता हैं, जो प्रमाणिकता पर आधारित है, लेकिन हम सऊदी किंग से यह जानना चाहते हैं कि इस हमले के पीछे वजह वह क्‍या मानते हैं और किस तरह हम उन तक पहुंच सकते हैं।शनिवार को सऊदी अरामको की दो तेल उत्‍पादन इकाईयों पर ड्रॉन से हमला हुआ था। इसकी जिम्‍मेदारी यमन के हॉथी विद्रोहियों ने ली है। सऊदी प्रेस एजेंसी ने कहा है कि ड्रॉन हमले के बाद अबकाक शहर में स्थित रिफाइनरी में आग लग गई।जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलअक्‍टूबर में पी-नोट्स निवेश घटकर 30 माह के निचले स्तर पर, 1500 नए FPI ने कराया रजिस्‍ट्रेशन****** पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के जरिये घरेलू पूंजी बाजार में निवेश अक्‍टूबर महीने में घटकर करीब ढाई साल के निचले स्तर दो लाख करोड़ रुपए पर आ गया।पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा पी-नोट्स विदेशी निवेशकों को जारी किए जाते हैं, जिससे वे देश में खुद पंजीकृत हुए बिना भारतीय बाजार में भागीदारी कर सकते हैं। हालांकि, उन्‍हें इसके लिए पूरी जांच पड़ताल की प्रक्रिया सेगुजरना होता है।एफपीआई ने सितंबर में कैपिटल मार्केट्स में एक अरब डॉलर किया निवेश, जीएसटी और मानसून से बढ़ा भरोसा चालू वित्त वर्ष के पहले सात माह में 1,500 से अधिक नए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) ने पूंजी बाजार नियामक सेबी के समक्ष पंजीकरण कराया है। यह भारत की आर्थिक वृद्धि में उनके जुड़ने की इच्छा को बताता है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पहली बार खुली आरटी-पीसीआर लैब, पहले श्रीनगर भेजे जाते थे सैंपल

जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलIND vs ENG 2nd Test Day-4: पुजारा और रहाणे का सुधरा फॉर्म, बेहतर स्थिति में इंग्लैंड******चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने फॉर्म में लौटकर भारत को शुरूआती झटकों से संभाला लेकिन आखिरी सत्र में इंग्लैंड ने तीन विकेट और चटकाकर दूसरे क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इससे पहले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने फॉर्म में चल रहे भारत के दोनों सलामी बल्लेबाजों को सस्ते में पवेलियन भेज दिया था जबकि विराट कोहली भी अपना विकेट गंवा बैठे थे।भारत ने तीन विकेट 56 रन पर गंवा दिये। दूसरे सत्र में 28 ओवर में रहाणे और पुजारा 49 रन ही बने लेकिन भारत ने कोई विकेट नहीं गंवाया। रहाणे ने 146 गेंद में 61 और पुजारा ने 206 गेंद में 45 रन बनाकर 100 रन की साझेदारी की। खराब रोशनी के कारण मैच जल्दी रोके जाने पर भारत ने छह विकेट पर 181 रन बना लिये थे और उसके पास 154 रन की बढ़त है।ऋषभ पंत 14 और ईशांत शर्मा चार रन बनाकर खेल रहे हैं। खराब फॉर्म से जूझ रहे रहाणे और पुजारा ने कठिन पिच पर जबर्दस्त संयम का प्रदर्शन करते हुए बल्लेबाजी की। रहाणे को 31 के स्कोर पर मोईन अली की गेंद पर जॉनी बेयरस्टॉ ने जीवनदान भी दिया। दोनों के आखिरी सत्र में एक के बाद एक आउट होने से मैच फिर इंग्लैंड की गिरफ्त में आ गया।पुजारा को वुड ने बेहद खतरनाक गेंद पर आउट किया जबकि रहाणे ने अली की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमाया। तीन ओवर बाद अली ने रविंद्र जडेजा को भी पवेलियन भेजकर भारत की मुश्किलें बढा दी। इससे पहले सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और रोहित शर्मा जो अब तक इस श्रृंखला में मध्यक्रम की नाकामी की भरपाई करते आये हैं, लेकिन इस पारी में दोनों नहीं चल सके। ऐसे में कप्तान विराट कोहली से जो रूट की तरह कप्तानी पारी की उम्मीद थी लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाये।कोहली 31 गेंद में 20 रन बनाकर सैम करन की गेंद पर विकेट के पीछे कैच दे बैठे। रूट ने वुड को गेंद जल्दी सौंप दी और अतिरिक्त रफ्तार का फायदा उठाते हुए वुड ने भारत को शुरूआती झटके दिये। पहली पारी में शतक जमाने वाले राहुल 30 गेंद में पांच रन बनाकर आउट हुए।वहीं, रोहित 36 गेंद में 21 रन बनाकर श्रृंखला में दूसरी बार पूल शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा बैठे। वुड को छक्का लगाने के बाद रोहित उसी ओवर में समान शॉट खेलने के प्रयास में नियंत्रण नहीं बना सके और डीप बैकवर्ड स्क्वेयर पर कैच दे बैठे।जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलAazadi ka amrit mohotasav: ‘हमर तिरंगा’ कार्यक्रम के तहत शहीदों के परिजनों को मुख्यमंत्री बघेल ने किया सम्मानित******Highlightsछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘हमर तिरंगा’ कार्यक्रम के तहत शनिवार को शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर रायपुर समेत राज्य के सभी जिलों में 'हमर तिरंगा' कार्यक्रम के अंतर्गत शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया। उन्होंने बताया कि राज्य की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री बघेल ने तथा अन्य जिलों में मंत्रियों, संसदीय सचिवों और विधायकों ने शहीदों के परिजनों का सम्मान किया।अधिकारियों ने बताया कि बघेल ने कार्यक्रम में राजनांदगांव के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शहीद वीके चौबे, शहीद मेजर सत्यप्रदीप दत्ता, शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भास्कर दीवान, शहीद प्रधान आरक्षक हीरा सिंह निषाद, शहीद लेफ्टिनेंट पंकज विक्रम, शहीद निरीक्षक दुष्यंत सिंह, शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा, शहीद सहायक उपनिरीक्षक कौशलेश सिंह, शहीद चिरंजीव बघेल, शहीद प्रधान आरक्षक संजय यादव, शहीद आरक्षक रामकुमार साहू, शहीद लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित, शहीद आरक्षक वेद प्रकाश यादव, शहीद लेफ्टिनेंट राजीव पांडेय, शहीद प्रधान आरक्षक प्रफुल्ल शुक्ला, शहीद आरक्षक झाडूराम वर्मा, शहीद आरक्षक खिलानंद साहू और शहीद आरक्षक धनराज मोटघरे के परिजनों को शॉल, श्रीफल और तिरंगा देकर सम्मानित किया।शहीदों के परिवार वालोंका ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारीइस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, ''शहीदों के परिजनों का सम्मान करना हम सबके लिए भावुक क्षण है। हमें उनकी शहादत पर गर्व भी है। हमारे जवानों ने अपने परिवारों की चिंता किये बगैर देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है।'' मुख्यमंत्री ने कहा, ''शहीदों ने कर्तव्य पथ पर चलते हुए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके परिजनों का ख्याल रखें।'' उन्होंने शहीदों के परिजनों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप हमारे परिवार का हिस्सा हैं।’’जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलGDP वृद्धि दर दूसरी तिमाही में सुधरकर 6.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद: FICCI सर्वेक्षण******नोटबंदी और GST का प्रतिकूल प्रभाव कम होने के चलते भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। उद्योग संघ FICCI ने आर्थिक परिदृश्य सर्वेक्षण में आज यह संभावना जताई।अप्रैल-जुलाई तिमाही में GDP वृद्धि दर तीन साल के निचले स्तर 5.7 प्रतिशत पर आ गई थी।केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) 30 नवंबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए आर्थिक विकास के आंकड़े जारी करेगा।उद्योग संघ ने कहा कि सर्वेक्षण में भाग लेने वाले अर्थशास्त्रियों ने उल्लेख किया कि सरकार को सामाजिक और भौतिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उत्पादक पूंजी निवेश पर जोर देना चाहिए।इसमें कहा गया है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में GDP वृद्धि दर सुधरकर 6.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और आगे तीसरी तिमाही में GDP दर 6.7 प्रतिशत होने की संभावना है।फिक्की ने सर्वेक्षण में कहा कि नोटबंदी और GST कार्यान्वयन के प्रभाव के चलते अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती खत्म होती हुई प्रतीत हो रही है। नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था (GST) स्थिर हो रही है, जिससे आगे अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है।सर्वेक्षण में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के 2017-18 में करीब 2.8 प्रतिशत जबकि खुदरा मुद्रास्फीति 3.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है।

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जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलयमन विद्रोहियों ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया : सऊदी अरब******Highlightsयमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार तड़के सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए, जिनसे तरल प्राकृतिक गैस संयंत्र, जल विलवणीकरण संयंत्र, तेल प्रतिष्ठान और बिजली केन्द्र को निशाना बनाया गया। सऊदी अरब की सरकारी माीडिया ने यह जानकारी दी। यमन में लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने कहा कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन क्षेत्र में असैन्य वाहन और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। यह हमला सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के सीमा पार हमलों में हालिया वृद्धि को दर्शाता है।शांति वार्ता रुकी हुई है और 2015 के बाद से यमन के अधिकांश हिस्सों को बर्बाद करने वाला संघर्ष जारी है। हमले इसलिए भी हुए क्योंकि सऊदी अरब सरकार समर्थित तेल की दिग्गज कंपनी अरामको ने घोषणा की कि उसका मुनाफा 2021 में 124 प्रतिशत बढ़कर 110 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, कोरोना वायरस महामारी, वैश्विक आपूर्ति की कमी, तेल की बढ़ती कीमतों और ईंधन की मांग में सुधार को लेकर नयी चिंताओं के बीच मुनाफे में यह एक बड़ी छलांग है।अरामको जिसे सऊदी अरब तेल कंपनी के रूप में भी जाना जाता है, ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के कारण ऊर्जा बाजारों में तीव्र अस्थिरता के हफ्तों में अपनी कमाई रिपोर्ट जारी की। कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के दुनिया के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक रूस पर दंडात्मक प्रतिबंधों ने पहले से ही मंद ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मचा दी है।यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता येहिया सैरी ने कहा कि समूह ने ‘‘सऊदी अरब के भीतरी क्षेत्र में एक व्यापक और बड़ा सैन्य अभियान’’ शुरू किया था। सैन्य गठबंधन ने कहा कि उसने अरामको द्वारा संचालित यानबू के लाल सागर बंदरगाह में पेट्रोकेमिकल परिसर में एक तरल गैस संयंत्र पर हमले को विफल कर दिया।हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं है कि हमले से संयंत्र को कोई नुकसान हुआ है या नहीं। गठबंधन ने कहा कि अन्य हवाई हमलों ने देश के दक्षिण-पश्चिम में एक बिजली स्टेशन, लाल सागर तट पर अल-शकीक में एक विलवणीकरण केंद्र, दक्षिणी सीमावर्ती शहर जिजान में अरामको के एक टर्मिनल और दक्षिणी शहर खमीस मुशैत में एक गैस स्टेशन को निशाना बनाया।जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलFuture Image: क्या खत्म होने जा रही है दुनिया? AI ने पोस्ट की मानव की आखिरी सेल्फी******Highlights बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग (Global warming) और लगातार पिघल रहे ग्लेशियर मानव के लिए खतरे की घंटी बजा रहा है। दुनिया के अधिकतर देश इससे निपटने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। ऐसे में अगर आपसे कहा जाए कि आप कल्पना कीजिए कि पृथ्वी के खत्म होने से पहले की आखिरी सेल्फी (Last Selfie) कैसी दिखेगी तो आप सोच में पड़ जाएंगे, लेकिन एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इमेज जेनरेटरने इसे संभव बना दिया है,जो खुब वायरल हो रहे हैं। DALL-E 2 द्वारा एआई की मदद से चार खौफनाक तस्वीर बनाई गई है। जो रोबोट की तरह दिखाई दे रही है। इसमें मनुष्य की बड़ी आंखें और लंबी उंगलिया हैं। कंकाल की तरह दिख रही इस तस्वीर के पीछे शहर तबाह होते नजह आ रहे हैं। जैसे दुनिया खत्म हो गई हो। भयावह कंकाल के चारों ओर धुएं के गुबार भी देखे जा सकते हैं।इस तस्वीर के कोलाज को पोस्ट करते हुए एआई इमेज जेनरेटर ने कैप्शन में लिखा है कि किसी के कहने पर इसे बनाया था लेकिन परिणाम बेहद सटीक हैं। यह पृथ्वी की अंतिम सेल्फी है।इस तस्वीर को देखने के बाद कई यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। एक ने लिखा है कि अब समय आ गया है कि हम अपने रहन-सहन में बदलाव लाएं। वहीं एक अन्य यूजर्स दूसरे प्लेनेट पर जाने की सलाह दे डाली। एक ने तो कैमरे की क्वालिटी को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है। उसने लिखा कि चलो कम से कम कैमरे की क्वालिटी तो ठीक है।ग्लोबल वार्मिंग कोई ऐसी चीज नहीं है जो अचानक से दुनिया तबाह कर देगी। यह एक सतत प्रकिया है जिसमें वर्षों का समय लगता है। पृथ्वी का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण जीवाश्म ईंधन का जलना और वातावरण में ग्रीन हाउस गैंसो का बढ़ना है। इसके असर दुनिया के कुछ देशों पर दिखने शुरु भी हो गए हैं। ये वो देश हैं जो समुद्र के किनारे बसे हुए हैं। जब हम इस तरह की गैसों और ईंधन का लगातार इस्तेमाल करते हैं तो इससे ग्लेशियर पिघलने लगता है, जो समुद्र के जलस्तर बढ़ने का कारण बनता है। बढ़ते जलस्तर से सबसे ज्यादा खतरा उसके तट पर बसे शहरों को है।

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जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलबैठे बैठे हो गए कंगाल: इस देश ने बदल दी अपनी करंसी, 10 लाख बना केवल एक रुपया 74 लाख देकर मिलती है पानी की एक बोतल******इस देश ने बदल दी अपनी करंसी, 10 लाख के बदले मिलेगा सिर्फ 1आपको कैसा लगेगा जब आपकी जेब में रखे 10 लाख रुपये 1 रुपये में बदल जाऐ, आपको एक 5 लीटर की पानी की बोतल के लिए 74 लाख रुपये खर्च करने पड़ें। एक समय तेल के मामले में संपन्न देश वेनेजुएला की हालत बेहद खस्ता है। लगातार 6 साल से यहां की अर्थव्यवस्था गर्त में है। महंगाई चरम पर है। छोटी छोटी चीजों की कीमत लाखों में पहुंच चुकी है। समस्या से जूझ रही सरकार ने अब अपनी करंसी ही बदल दी है।दरअसल वेनेजुएला सातवें आसमान पर पहुंची महंगाई दर से जूझ रहा है और इसकी वजह से उसकी मुद्रा बोलीवर की कीमत में भारी गिरावट आयी है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला ने कहा कि उसकी नयी मुद्रा व्यवस्था के तहत वर्तमान में 10 लाख बोलीवर की कीमत एक बोलीवर हो जाएगी। इसका करण तेजी से बढ़ती महंगाई दर है। वेनेजुएला के केंद्रीय बैंक ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि बोलीवर में बदलाव एक अक्टूबर से प्रभावी होगा।नयी व्यवस्था में 100 बोलीवर सबसे बड़ा नोट होगा और उसकी कीमत वर्तमान 10 करोड़ बोलीवर के बराबर होगी। यह लगातार छठा साल है, जब वेनेजुएला में मंदी की स्थिति बनी हुई है। खाद्य वस्तुएं महंगी होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और वे गरीबी में फंसते जा रहे हैं। फिलहाल 10 लाख बोलीवर सबसे बडा नोट है, लेकिन यह दुर्लभ है। यहां पांच लीटर पानी की बोतल की कीमत बृहस्पतिवार को 74 लाख बोलीवर या 1.84 अमेरिकी डॉलर हो गयी।

जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलVrishabha weekly horoscope 12 to 18 September 2022: वृष राशि वालों को मिलेगा बहुत सारा धन****** वृष या वृषभ राशियों के लिए ये सप्ताह मिला जुला होगा। जहां एक तरफ इस राशि वालों को धनलाभ होगा वहीं दूसरी तरफ दिमाग पर बोझ भी होगा। सितंबर का तीसरा सप्ताह वृष राशि वालों के लिए कैसा होगा और कैसे इसे बेहतर कर सकते हैं ये हम जानेंगे लेकिन उससे पहले जानते हैं वृषभ या वृष राशि किन लोगों की होती हैं। जिनका जन्म 20 अप्रैल से 20 मई के बीच होता है, उनकी राशि वृषभ होती है।सप्ताह की शुरुआत में पारिवारिक सौहार्द और शांति के साथ परिवार में सुखद माहौल रहेगा। धन में वृद्धि होने से आपके धन संचय में भी बचत होगी। परिवार के सदस्यों की मदद से आपको बहुत जल्द अतिरिक्त धन की प्राप्ति हो सकती है। सप्ताह के मध्य में आपके पारिवारिक और सामाजिक जीवन में संबंध पहले से काफी बेहतर रहेंगे। आप अपने सामाजिक व्यवहार और सामाजिक परिवेश में बदलाव लाने के लिए बहुत प्रयास करेंगे। हम अपने आसपास के वातावरण में आवश्यक सुधार लाने का प्रयास करेंगे। संक्षेप में, आपकी सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। सप्ताह के शेष भाग में आप मन की शांति और प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। सेहत बिगड़ सकती है और इसके अलावा आपके दिमाग पर कुछ अतिरिक्त बोझ रहेगा।जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलEase of Doing Business 2019: 77वें स्‍थान पर पहुंचा भारत, लगातार दूसरे साल बना सबसे ज्‍यादा सुधार करने वाला देश******ease of doing businessवर्ल्‍ड बैंक ने बुधवार को 2019 रिपोर्ट को जारी किया। लगातार दूसरे साल भारत ने अपने बेहतर प्रदर्शन को बरकरार रखने में सफलता पाई है। वर्ल्‍ड बैंक द्वारा 190 देशों के लिए तैयार की गई इस लिस्‍ट में भारत अब टॉप-80 में शामिल हो गया है। पिछले साल भारत टॉप-100 में आया था।वर्ल्‍ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 23 स्‍थानों के सुधार के साथ भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंक में 77वें स्‍थान पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना भारत को टॉप-50 में पहुंचाने का है।वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान भारत की रैंकिंग में 53 स्‍थान का सुधार आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 के बाद दो साल में किसी इतने बड़े देश द्वारा किए गए सबसे अधिक सुधार यह बताते हैं कि हमारी सरकार प्रगतिशील सुधारों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ल्‍ड बैंक की ताजा रैंकिंग की बात करें तो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में पहले नंबर पर पिछले साल की तरह न्यूजीलैंड बना हुआ है, दूसरे नंबर पर सिंगापुर है, तीसरे पर डेनमार्क, चौथे पर हांगकांग, पांचवें पर दक्षिण कोरिया, छठे पर जॉर्जिया, सातवें पर नॉर्वे, आठवें पर अमेरिका, नौवें पर ब्रिटेन और 10वें नंबर पर मैसेडोनिया है।भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो चीन 46वें स्थान पर है जबकि बांग्लादेश 176वें स्थान पर, पाकिस्तान 136वें स्थान पर, नेपाल 110वें स्थान पर, भूटान 81वें पर और श्रीलंका 100वें स्थान पर आ गया है।ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रमुख पैरामीटर बिजनेस शुरू करने, कंस्‍ट्रक्‍शन परमिट लेने, बिजली कनेक्‍शन, कर्ज मिलने, कर भुगतान और सीमा पार कारोबार के क्षेत्र में भारत ने नए सुधार किए हैं। इस वजह से भारत ने अपने बेस्‍ट प्रैक्टिस स्‍कोर को बढ़ाकर 67.23 कर लिया है, जो पिछले साल 60.76 था। यह लगातार दूसरा साल है जब भारत को शीर्ष सुधारकर्ता के रूप में मान्‍यता दी गई है। साउथ एशिया में भारत अकेला ऐसा देश है, जिसने लगातार दो साल यह उप‍लब्धि हासिल की है।

जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलRaksha Bandhan 2020: शिल्पा शेट्टी, अमिताभ बच्चन सहित इन बॉलीवुड हस्तियों ने दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं******इस बार 3 अगस्त को का त्योहार मनाया जा रहा है। यह त्योहार बहन-भाई के रिश्ते का प्रतीक है. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वादा करता है। इस खास दिन पर बॉलीवुड हस्तियों ने भी अपने भाई-बहन संग ये पर्व मनाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर की और फैंस को भी बधाईयां दी। अमिताभ बच्चन, करीना कपूर खान, शिल्पा शेट्टी, सारा अली खान, सुनील शेट्टी और सारा अली खान सहित तमाम सेलेब्स ने खास पोस्ट शेयर किया है।रक्षाबंधन के खास मौके पर स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक संदेश साझा किया है। उन्होंने कोरोना की वजह से इस बार राखी नहीं भेज पाने का अफसोस भी जताया है।जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलUP Election 2022: ‘गोरखपुर क्षेत्र’ के 62 विधानसभा क्षेत्रों में आरएसएस ने झोंकी ताकत, BJP के लिए तैयार कर रहा जमीन******Highlightsउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ‘गोरखपुर क्षेत्र’ के दस जिलों की 62 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पूरी ताक़त झोंक दी है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में आरएसएस के करीब 15 हजार 'ग्राम प्रमुख' अपनी टोलियां के साथ मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, एक-एक विधानसभा क्षेत्र में 240 से अधिक 'ग्राम प्रमुख' भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी टोलियों (पांच से दस लोगों के समूह) के साथ सक्रिय हैं।हालांकि, आरएसएस के पदाधिकारी इसे मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए 'जनजागरण अभियान' का नाम दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गोरखपुर क्षेत्र के 62 विधानसभा क्षेत्रों में 27,647 बूथ हैं जहां आरएसएस के 'ग्राम प्रमुखों' और अन्य कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ी है। मऊ के नगर प्रचार प्रमुख डॉक्टर मधुकर आनन्‍द ने बताया कि संघ (आरएसएस) की सुबह 'प्रभात शाखा' में लोगों को अधिक से अधिक मतदान के लिए स्वयंसेवक जागरूक कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि सुबह हम शाखा के बाद वार्डों में प्रभात फेरी निकाल रहे हैं और मतदाताओं को जागरूक कर रहे हैं तथा उनके बीच पत्रक भी बांट रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हम किसी दल के लिए नहीं राष्‍ट्र के लिए कार्य करते हैं। लोक जागरण मंच, ‘गोरक्ष प्रांत’ की ओर से बांटे जा रहे पत्रक में मतदाताओं से अपील की गई है कि मतदान करते समय विचार करें कि आपका बहुमूल्य मत किसे जा रहा है।पत्रक की शुरुआत में ही कहा गया है ‘‘उसे, जो शुरू से राम मंदिर बनाने के पक्ष में खड़ा रहा और उसके लिए संघर्ष किया या उसे, जिसने मंदिर की जगह मस्जिद या अस्पताल बनाने की बात करते हुए विरोध किया।’’ इस पत्रक में विश्‍वनाथ धाम के साथ ही सरकारी नौकरियों में जातिवाद, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जैसे मामलों का जिक्र किया गया है। चुनाव में आरएसएस की भूमिका के संदर्भ में जब ‘गोरक्ष प्रांत’ के प्रांत प्रचारक सुभाष जी से बातचीत की गई तो उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, '' निर्वाचन आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने का प्रयास करता हैं, उसी के लिए हम जनजागरण कर रहे हैं।''उन्होंने कहा, ''जन जागरण में यह प्रयास है कि आदमी वोट डालने जाए तो अच्छी सरकार बनाने के लिए मानकों पर विचार करे, सरकारों के कार्यकाल के मूल्यांकन के आधार पर अच्‍छे लोगों का चयन करें।'' सुभाष ने स्वीकार किया कि इस जनजागरण में करीब 15 हजार 'ग्राम प्रमुख' भी लगे हैं और इसके अलावा आरएसएस संगठन के और भी लोग शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में ‘गोरखपुर क्षेत्र’ की 62 विधानसभा सीटों में से 44 पर जीत दर्ज की थी जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को सात-सात, कांग्रेस को एक तथा एक निर्दलीय को जीत मिली थी।2017 में क्या था जनता का रुझान-इसके अलावा तब भाजपा की सहयोगी रही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा)और अपना दल (सोनेलाल) को भी इस इलाके की एक-एक सीटों पर जीत मिली थी। इस बार पूर्वांचल के राजभरों में प्रभावी माने जाने वाले और योगी सरकार से सबसे पहले इस्तीफा देने वाले ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा सपा के साथ है और चुनाव से ऐन पहले राज्‍य सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देकर स्‍वामी प्रसाद मौर्य व दारा सिंह चौहान भी सपा में शामिल हो गए हैं।मौर्य और सिंह क्रमश: कुशीनगर की फाजिलनगर तथा मऊ की घोसी सीट से सपा से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में इन नेताओं से संबंधित जातियों के मतों में बिखराव की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने रविवार को मऊ के 'राजस्‍थान भवन' में आरएसएस और भाजपा की एक समन्‍वय बैठक की जिसमें भाजपा उम्मीदवारों को चुनाव जिताने की रणनीति बनाई गई।बैठक में शामिल एक कार्यकर्ता ने पहचान गुप्त रखते हुए बताया कि राम मंदिर निर्माण धन संग्रह अभियान के समय सभी गांवों में आरएसएस ने 'ग्राम प्रमुख' बनाये थे और इस चुनाव में वे सभी 'ग्राम प्रमुख' टोली बनाकर बूथवार प्रचार अभियान में सक्रिय हैं। इसके पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष ने आरएसएस के एक पदाधिकारी के साथ विधानसभा चुनाव संचालन समिति की दोहरीघाट में बैठक की थी।पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र गोरखपुर ही है। इस क्षेत्र में राज्‍य की मुख्‍य विपक्षी सपा ने मुस्लिम और पिछड़े वर्गों के मतों को एकजुट करने की कोशिश की है। बांदा जेल में बंद और पांच बार के कथित बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं और उनकी जगह पर उनके बेटे अब्बास अंसारी सपा की सहयोगी सुभासपा के टिकट पर मऊ से उम्मीदवार हैं। इधर, भाजपा ने बिहार के राज्‍यसभा सदस्‍य विवेक ठाकुर को विधानसभा चुनाव का सह प्रभारी बनाकर गोरखपुर क्षेत्र के दस जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है।2017 से बेहतर प्रदर्शन करेगी बीजेपी!विवेक ठाकुर ने 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में दावा किया कि भाजपा गोरखपुर क्षेत्र में 2017 के मुकाबले और बेहतर प्रदर्शन करेगी। राजनीतिक दलों की कार्यशैली पर नज़र रखने वाले मऊ के विनय जायसवाल ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा,‘‘ अगर किसी भाजपा उम्मीदवार से लोगों की व्यक्तिगत नाराजगी है तो उसे दूर करने की भी कोशिश ग्राम प्रमुखों की टोलियां कर रही हैं।’’ जानकारों के अनुसार ‘गोरखपुर क्षेत्र’ के दस जिलों में करीब 52 फीसद पिछड़ी जातियों के अलावा, 20 फीसद अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। यहां के अलग अलग क्षेत्रों में पिछड़ी कुर्मी-सैंथवार, मौर्य-कुशवाहा, यादव, राजभर, नोनिया- चौहान बिरादरी की निर्णायक संख्या है, जबकि दलितों में जाटव के अलावा पासी, खटीक, बेलदार, धोबी भी कुछ क्षेत्रों में अच्छी तादाद में हैं। सवर्ण बिरादरी में ब्राह्मण और क्षत्रिय के अलावा कायस्थ भी लगभग सभी जिलों में हैं।मऊ, आजमगढ़ और पडरौना समेत करीब 15 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं का भी प्रभाव है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा ने अपने संगठनात्मक ढांचे को छह भागों में बांटा है जिसमें पश्चिम क्षेत्र, ब्रज क्षेत्र, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध और काशी क्षेत्र के अलावा गोरखपुर क्षेत्र शामिल हैं। गोरखपुर क्षेत्र में कुल दस जिले गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, बलिया और मऊ शामिल हैं और इनमें कुल 62 विधानसभा सीटें हैं।आजमगढ़ जिले की 10 तथा मऊ जिले की चार विधानसभा सीटों पर आखिरी चरण में सात मार्च को मतदान होगा जबकि बाकी 48 सीटों पर छठे चरण में तीन मार्च को मतदान होना है। शुरू के पांच चरणों में कुल 292 सीटों पर मतदान हो चुका है और अभी दो चरणों में कुल 111 सीटों पर मतदान होना बाकी है।

जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपल'द फैमिली मैन 2' हुई स्ट्रीम, मनोज बाजपेयी ने बताया क्यों रहा ये सबसे मुश्किल प्रोजेक्ट****** 'द फैमिली मैन' का दूसरा सीजन स्ट्रीम हो गया है। शो में मनोज बाजपेयी मुख्य किरदार में हैं। गुरुवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने प्रशंसकों को इसकी रिलीज डेट की दोबारा याद दिलाई। इस पोस्ट के साथ मनोज बाजपेयी ने बताया कि क्यों ये उनका अब तक का सबसे मुश्किल प्रोजेक्ट रहा है। वह लिखते हैं, "हर फिल्म निर्माता के पास हर प्रोजेक्ट के अंत में उसके उतार-चढ़ाव के बारे में बताने के लिए एक कहानी होती है। हमारे लिए 'द फैमिली मैन सीजन 2' अभी तक की हमारी सबसे चुनौतीपूर्ण परियोजना साबित हुई है। ये हम सभी के लिए कठिन समय है। हममें से कोई भी नुकसान और पीड़ा से अछूता नहीं है। इन्हीं चीजों के लिए शोक मनाने के दौरान हम अपने फ्रंटलाइन वर्कर्स और अथक परिश्रम करने वाले सभी लोगों के प्रति आभारी हैं, जिन्होंने इस कठिन दौर में हमें मदद दी है।"वह आगे लिखते हैं, "हम सभी के लिए सकारात्मक और आशावादी बने रहना संभवत: सबसे कठिन रहा है। केवल एक चीज जिसने हमें इस सब से गुजारा है, वह है निरंतर प्यार और प्रशंसा (और निरंतर दबाव) जो हमें आप में से प्रत्येक से मिला है।"अभिनेता ने कहा, "महामारी के दौर में और दो लॉकडाउन के दरमियान काम करने को लेकर हम हमेशा अपने शानदार कलाकारों, क्रू और प्राइम वीडियो टीम के आभारी रहेंगे, जिन्होंने सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है।"जम्मूकश्मीरकेपुलवामामेंपहलीबारखुलीआरटीपीसीआरलैबपहलेश्रीनगरभेजेजातेथेसैंपलआप भी हैं परफ्यूम के शौकीन तो पहले ये पढ़ लें, इन चीजों का हो सकते हैं शिकार******गर्मी ने दस्तक दे दी है। गर्मियों में पसीने की बदबू से परेशानी एक आम समस्या है, इससे बचने के लिए हम डिओड्रेंट और परफ्यूम का सहारा लेते हैं। भले ही परफ्यूम आपकी पसीने की गंध को दूर करते हैं लेकिन यह सेहत के लिए काफी नुकसानदाक साबित होते हैं। सके अधिक इस्तेमाल से स्किन इन्फेक्शन के अलावा हार्मोन्स के संतुलन पर भी प्रभाव पड़ता है। चलिए जानते हैं परफ्यूम से होने वाले नुकसान-एक शोध के अनुसार गर्भावस्था मे परफ्यूम के इस्तेमाल से बचना चाहिए। तेज खूशबू वाले परफ्यूम से होने वाले बच्चे के हार्मोंस में गड़बडी हो सकती है और उसे नुकसान पहुंच सकता है।परफ्यूम में मौजूद केमिकल का इस्तेमाल से स्किन एलर्जी हो सकती हैं। स्किन एलर्जी के साथ साथ स्किन पर रेडनेस, स्किन पर चकते और खूजली होने लग जाती है। अगर आपको परफ्यूम से किसी भी तरह की एलर्जी हो तो आप परफ्यूम का इस्तेमाल करना बंद कर दें।खुशबुओं के ज़्यादा इस्तेमाल से नींद ना आना, घबराहट होना और एक बेचैनी का सा महसूस करना भी देखा गया है। जिन लोगों को स्ट्रेस या डिप्रेशन की समस्या रहती है उन्हें भी इम खुशबुओं का चयन सोच समझकर ही करना चाहिए।परफ्यूम का इस्तेमाल करने से अल्जाइमर होने का खतरा भी काफी रहता है। इससे साथ ही इसकी तेज गंध से सांस संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

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